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मदद अतीत की बात, व्यापार ही भविष्य: सलमान खुर्शीद

ब्रिटेन की ओर से भारत को हर साल दी जाने वाली 28 करोड़ पाउंड की मदद में 50 फीसदी की कटौती के मुद्दे को दोनों ही देशों ने तवज्जो नहीं दी. विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘मदद अतीत की बात है, व्यापार ही भविष्य है.’

सलमान खुर्शीद सलमान खुर्शीद

ब्रिटेन की ओर से भारत को हर साल दी जाने वाली 28 करोड़ पाउंड की मदद में 50 फीसदी की कटौती के मुद्दे को दोनों ही देशों ने तवज्जो नहीं दी. विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘मदद अतीत की बात है, व्यापार ही भविष्य है.’

अपने ब्रिटिश समकक्ष विलियम हेग के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए खुर्शीद ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की गई. उन्होंने कहा, ‘यदि हमने मदद में कटौती के मुद्दे पर चर्चा नहीं की तो इसका मतलब यह नहीं हुआ कि इससे बातचीत पर असर पड़ा.’

गौरतलब है कि घरेलू आलोचना की वजह से ब्रिटिश सरकार ने भारत को दी जाने वाली सालाना वित्तीय मदद में 50 फीसदी की कटौती का फैसला किया है. आर्थिक मंदी के इस दौर में दूसरे देशों को दी जा रही मदद की अपने देश में ही हो रही आलोचना के मद्देनजर ब्रिटिश सरकार ने यह फैसला किया.

ब्रिटिश विदेश मंत्री हेग ने कहा कि ब्रिटेन की अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री जस्टिन ग्रीनिंग इस मुद्दे पर विचार कर फैसला लेंगी. उन्होंने कहा कि दोनों देश इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं.

हेग ने कहा, ‘हम इस मुद्दे पर चर्चा करते रहे हैं. इस मुद्दे से जुड़े आगे के कदम पर ब्रिटेन और भारत सरकार सहमत हैं. ग्रीनिंग एक बयान जारी करेंगी.’ खुर्शीद ने कहा कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार के सभी पहलुओं पर चर्चा की.

उन्होंने कहा कि भारत ब्रिटेन में तीसरा सबसे बड़ा निवेशक है जबकि ब्रिटेन ने भी बड़े पैमाने पर भारत में निवेश किए हैं.

 

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