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राजस्थानः BJP पर बरसे सीएम, कहा- कहां 73 और कहां 122, फिर भी खेला गेम

सीएम अशोक गहलोत ने रक्षाबंधन के अवसर पर भी विधायकों के घर नहीं जा पाने पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां क्यों बनीं, ये सबको पता है. बड़े स्तर पर हॉर्स ट्रेडिंग की गई.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटोः पीटीआई) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटोः पीटीआई)

  • सीएम ने कहा- षड़यंत्र में शामिल हैं कई लोग
  • राखी पर विधायकों का घर नहीं जा पाना दुखद

राजस्थान में चल रही सियासी खींचतान के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लगातार हमलावर हैं. सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने भाजपा पर धनबल के सहारे हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया. सीएम गहलोत ने कहा कि कहां उनके 73 विधायक हैं और हमारे 122 विधायक थे. लेकिन फिर गेम खेला गया.

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उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर भी विधायकों के घर नहीं जा पाने पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां क्यों बनीं, ये सबको पता है. बड़े स्तर पर हॉर्स ट्रेडिंग की गई. सीएम ने कहा कि अभी भी फोन कॉल्स आ रही हैं और क्या-क्या नहीं कहा जा रहा. सब हमारी जानकारी में आता है. उन्होंने देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाने और और बचाने को हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बताया और कहा कि कर्नाटक और मध्य प्रदेश के बाद चुनी हुई सरकार गिराने का यह तीसरा प्रयास था. जनता सब देख रही है.

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एक सवाल के जवाब में अशोक गहलोत ने नाम लिए बगैर गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ने ओवर एंबिशियस बनकर गेम खेला. उनको थोड़ा धैर्य रखना चाहिए था. उन्होंने तंज करते हुए कहा कि नए-नए सांसद बन गए और जल्दी केंद्र में मंत्री बनने का चांस मिल तो राजस्थान के लोगों का मिजाज भी भूल गए. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उनके नाम पर जितना सोच ले, जनता संजीवनी सोसाइटी केस में फंसे व्यक्ति को कभी स्वीकार नहीं करेगी. इसीलिए कहा था कि टेकऑफ होने के पहले खुद ही धराशायी हो गए.

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सीएम गहलोत ने कहा कि उनके अलावा और भी कई लोग षड्यंत्र में शामिल हैं. उन्होंने कहा सीबीआई और ईडी के छापे तो उनके यहां पड़ने चाहिए. दुख इसका है कि बगैर किसी कारण के छापे उनके यहां पड़ रहे हैं जो जिनके रिश्ते हमसे जुड़े हैं. देश में ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स को लेकर डरावना माहौल बन गया है. ये डरे हुए लोग हैं. सीएम गहलोत ने कहा कि अब टेलीफोन पर भी बात नहीं कर सकते. फेसटाइम पर आ जाइए आप. पूरा देश ये कर रहा है तो लोग कैसे और कब तक बर्दाश्त करेंगे. लोग सड़कों पर आ जाएंगे.

चुनी हुई सरकार को चलने दो

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यह खेल बंद करो और चुनी हुई सरकार को चलने दो. कोरोना के खिलाफ असली लड़ाई राज्य सरकारों ने लड़ी है. केंद्र सरकार को पूरा सहयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस लड़ाई में सहयोग किया है. लोगों का जीवन बचाने, आजीविका बचाने का काम राज्य सरकारों ने किया है. कोरोना अभी फैल ही रहा है और आप इसी बीच अगर ये हथकंडे अपनाकर सरकार को अस्थिर करोगे तो जनता माफ नहीं करेगी. पायलट गुट के विधायकों के विधानसभा सत्र में शामिल होने के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम गहलोत ने कहा कि ये तो वो जानें, उनका ज़मीर जाने. उनको लेकर कोई फैसला हम नहीं करते. हाईकमान का फैसला अनुशासित सिपाही की तरह मुझे मंजूर होगा.

जनता को नहीं होनी चाहिए परेशानी

बागी विधायकों के क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होने से जुड़े सवाल के जवाब में सीएम गहलोत ने कहा कि विधायक ने यदि कॉलेज खोलने या विकास कार्य की मांग की थी, तो इसे असंतोष से नहीं जोड़ा जा सकता. उन्होंने कहा कि हमारा फर्ज है कि जनता की भलाई के कार्य करें. विधायकों की वजह से जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए. पीएम को मुख्यमंत्रियों से दो दिन बात करने के संबंध में पत्र लिखने को लेकर गहलोत ने कहा कि एक दिन में आठ से 10 मुख्यमंत्रियों को ही अपनी बात रखने का मौका मिल पाता है. सभी को बोलने का मौका मिला, इसलिए यह सुझाव दिया है.

बागी विधायकों को काम से शिकायत नहीं थी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जिन विधायकों ने बगावत की, उनके इलाके में सबसे अधिक काम हो रहा था. विधायकों को काम से कभी शिकायत नहीं थी. उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अब वे बाड़ेबंदी में बैठे हुए हैं, तो कह रहे कि काम नहीं हो रहे थे. जनता सब समझ रही है.

कोरोना को लेकर की समीक्षा बैठक

कोरोना वायरस को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रोटोकॉल के सख्ती से पालन को जरूरी बताया है. अपने निवास पर कोरोना को लेकर समीक्षा बैठक में सीएम गहलोत ने कहा कि जिन जिलों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, वहां जिलाधिकारी सीमित क्षेत्र में लॉकडाउन, रात्रि कर्फ्यू, कंटेनमेंट सहित अन्य पाबंदियां लगा सकते हैं. लॉकडाउन में ढील के बाद लोगों की सतर्कता में कमी आई है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की तरह ही पूरी गंभीरता के साथ मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य सभी सावधानियों का पालन करें.

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