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राजस्थान: BSP विधायकों के कांग्रेस में विलय की याचिका पर स्पीकर को नोटिस

राजस्थान हाई कोर्ट में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) विधायकों के कांग्रेस में विलय करने के मामले में सुनवाई हुई. याचिका में विलय को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो-PTI) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो-PTI)

  • बीजेपी विधायक मदन दिलावर की याचिका पर सुनवाई
  • बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के खिलाफ याचिका

राजस्थान हाई कोर्ट में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) विधायकों के कांग्रेस में विलय करने के मामले में सुनवाई शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक मदन दिलावर की याचिका पर चीफ जस्टिस इंद्रजीत महान्ति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने सुनवाई शुरू कर दी है. याचिका में विलय को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है.

सुनवाई के बाद राजस्थान हाई कोर्ट की बेंच ने स्पीकर सीपी जोशी को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है. स्पीकर सीपी जोशी को कल सुबह 10.30 बजे तक अपना जवाब देना है. बहुजन समाज पार्टी के तरफ से सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि विधायकों का विलय असंवैधानिक है.

हाई कोर्ट की बेंच ने बीएसपी विधायकों को नोटिस जारी किया था, मगर जैसलमेर में रहने की वजह से बीएसपी विधायकों को नोटिस नहीं मिल पाया था. तब हाई कोर्ट ने कहा कि आज किसी भी हालत में इन विधायकों को नोटिस तामिल कराई जाए और कल सुबह 10:30 बजे तक स्पीकर और सभी विधायक अपना जवाब हाई कोर्ट को सौंपे.

बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय के खिलाफ नई याचिका लगाई है. इससे पहले उन्होंने स्पीकर सीपी जोशी के सामने दायर याचिका पर कार्रवाई नहीं होने को कोर्ट में चुनौती दी थी. याचिका दायर होने के बाद स्पीकर ने मामले को निस्तारित कर दिया था. इस वजह से हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था.

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बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने बसपा विधायक लखन सिंह (करौली), राजेन्द्र सिंह गुढ़ा (उदयपुरवाटी), दीपचंद खेड़िया (किशनगढ़ बास), जोगेन्दर सिंह अवाना (नदबई), संदीप कुमार (तिजारा) और वाजिब अली (नगर, भरतपुर) के कांग्रेस में शामिल होने के खिलाफ याचिका दायर की है.

बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने स्पीकर सीपी जोशी से मांग की थी कि इन 6 विधायकों की विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करें, लेकिन स्पीकर ने कोई कार्रवाई नहीं की. मदन दिलावर हाई कोर्ट पहुंच गए. इस बीच स्पीकर ने शिकायत को निस्तारित कर दिया. इस वजह से हाई कोर्ट में अर्जी खारिज हो गई थी. फिर नई याचिका दायर की गई.

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