scorecardresearch
 

राष्ट्रीय आपदा घोषित हो टिड्डी प्रकोप, राजस्थान के सीएम ने पीएम को लिखा पत्र

सीएम गहलोत ने कहा है कि साल 2019-20 में राजस्थान में 12 जिलों का करीब 6 लाख 70 हजार हेक्टेयर भूभाग टिड्डी से प्रभावित रहा.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटोः पीटीआई) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटोः पीटीआई)

  • गहलोत ने फेसबुक पोस्ट लिख दी जानकारी
  • कहा- टिड्डी प्रकोप बना बहुराज्यीय समस्या

सियासी संकट से गुजर रही राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर टिड्डी प्रकोप को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि विश्व खाद्य और कृषि संगठन के पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान सहित अन्य राज्यों में खरीफ (साल 2020), रबी (2020-21) की फसलों को काफी नुकसान होगा.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावित नुकसान, कोरोना महामारी के कारण राज्यों की कमजोर आर्थिक स्थिति और किसानों के हित को देखते हुए टिड्डी प्रकोप को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का निर्णय उचित होगा. इससे टिड्डी प्रकोप से निपटने के लिए राज्यों की क्षमता और मजबूत होगी. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय समस्या बताते हुए केंद्र सरकार से टिड्डी प्रभावित सभी देशों के साथ बातचीत करने की भी मांग की है.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि प्रधानमंत्री को अवगत कराया है कि इस वर्ष राज्य में 11 अप्रैल से टिड्डियों का प्रवेश हुआ और 33 में से 32 जिले इसके प्रकोप से प्रभावित हुए हैं. इस वर्ष राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश एवं महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में भी टिड्डियों का प्रकोप अधिक रहा है. अब यह समस्या बहुराज्यीय समस्या बन चुकी है. देश में इतने बडे़ पैमाने पर टिड्डी का प्रकोप कई दशकों बाद देखा गया है. ऐसे में इस समस्या को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना सभी प्रभावित राज्यों एवं वहां के किसानों के हित में होगा.

देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें

सीएम गहलोत ने कहा है कि साल 2019-20 में राजस्थान में 12 जिलों का करीब 6 लाख 70 हजार हेक्टेयर भूभाग टिड्डी से प्रभावित रहा. भारत सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से टिड्डी दलों को काफी प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया गया, लेकिन फिर भी रबी की फसलों में किसानों को करीब एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें