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राजस्थान: नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन खत्म, अब मान मनौवल का खेल शुरू

नामांकन का वक्त खत्म होने के बाद अब बीजेपी-कांग्रेस में बागियों के मान मनौवल का खेल शुरू हो गया है. रविवार रात को बीजेपी मुख्यालय पर टिकट कटने वाले प्रत्याशियों ने जमकर हंगामा मचाया.

राजस्थान बीजेपी ने की थी मीटिंग (पीटीआई) राजस्थान बीजेपी ने की थी मीटिंग (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 29 अक्टूबर और 1 नवंबर को वोट डाले जाएंगे
  • टिकट कटने वाले प्रत्याशियों ने हंगामा मचाया
  • बीजेपी-कांग्रेस दोनों खेमों में आरोप-प्रत्यारोप

राजस्थान में नगर निगम चुनाव को लेकर सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन रहा. इस बार बड़ी संख्या में बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों के अलावा निर्दलीयों ने भी पर्चा दाखिल किया है. बता दें कि जयपुर ,जोधपुर और कोटा के दो-दो नगर निगम के लिए 29 अक्टूबर और 1 नवंबर को वोट डाले जाएंगे.

कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने जयपुर ,कोटा और जोधपुर के लिए पार्षद पद के प्रत्याशियों की सूची रात में जारी की. कांग्रेस में तो कोटा की सूची नामांकन का समय दिन में 3:00 बजे के निकल जाने के बाद जारी की, यही हाल सोमवार को जयपुर में भी रहे. जहां कई इलाकों में सूची नामांकन का वक्त खत्म होने के बाद जारी की गई. जिन लोगों को पार्टी का सिंबल देना था उन्हें फोन पर बताया गया कि पर्चा भर लें. 

नामांकन का वक्त खत्म होने के बाद अब बीजेपी-कांग्रेस में बागियों के मान मनौवल का खेल शुरू हो गया है. रविवार रात को बीजेपी मुख्यालय पर टिकट कटने वाले प्रत्याशियों ने जमकर हंगामा मचाया. कोई रोता-चिल्लाता हुआ दिखा तो कोई मुर्दाबाद के नारे लगाता हुआ दिखा.

टिकट बंटवारे के बाद बीजेपी दफ्तर में प्रदेश के प्रभारी चंद्रशेखर और प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के बीच दिनभर लंबी वार्ता चलती रही क्योंकि कहा जा रहा है कि बीजेपी के विधायक पार्षदों के टिकट वितरण से खासे नाराज हैं. टिकट कटने वाले कई प्रत्याशियों ने तो टिकट बेचने तक के आरोप लगाए. बीजेपी में संगठन और विधायकों के राय को देखते हुए दोनों जगह बराबर टिकट बांटे गए हैं. 

उधर, कांग्रेस में विधायकों और विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की खूब चली है, जिसकी वजह से कांग्रेस संगठन के लोग उपेक्षित महसूस कर रहे. पायलट-गहलोत झगड़े की वजह से मुख्यमंत्री ने विधायकों को वादा किया था कि उनसे पूछकर ही पार्षदों के टिकट दिए जाएंगे और हुआ भी ऐसे ही. जोधपुर जैसे शहरों में तो कई पार्षद ने आरोप लगाया कि उन्हें ये कहकर टिकट नहीं दिया गया कि वो सचिन पायलट के नजदीकी हैं.

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