राजस्थान के बाड़मेर के हरसाणी में कस्तूरबा गांधी गर्ल्स हॉस्टल की कक्षा 9 से 12वीं की छात्राओं के लिए उनका प्रिंसिपल बड़ी परेशानी बना हुआ है. छात्राओं ने सामूहिक रूप से एक वीडियो जारी कर अपना दर्द बताया है. वीडियो में लड़कियां कह रही हैं कि प्रिंसिपल हमें दोस्ती करने के लिए कहता है, इतना ही नहीं बाथरूम के बाहर सीसीटीवी लगा रखे हैं, जिसको प्रिंसिपल ने अपने मोबाइल से कनेक्ट कर रखा है. छात्राओं ने प्रिंसिपल पर आरोप लगाया है कि प्रिंसिपल दोस्ती करने के लिए कहता है, स्वागत करने के लिए कहता है, गेट तक छोड़ने आने के लिए कहता है.
आरोपों की हुई पुष्टि लेकिन ऐक्शन नहीं
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो प्रशासन ने प्रिंसिपल के खिलाफ जांच बैठा दी. बताया जा रहा है कि प्रशासन की जांच में भी आरोपों की पुष्टि हो चुकी है. जांच रिपोर्ट शिक्षा आयुक्त 4 मार्च को जयपुर भेज दी गई थी, लेकिन 5 दिन बीत जाने के बाद भी शिक्षा विभाग की ओर से प्रिंसिपल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है.
लड़कियों ने दर्ज करवाया बयान
प्रशासन ने एडीपीसी तनुराम राठौड़ को वीडियो वायरल होने के बाद जांच के लिए भेजा. राठौड़ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि लड़कियों के बयान लिए गए हैं. लड़कियों ने बताया कि हॉस्टल में उन्हें समय पर खाना नहीं मिलता. उनके हिस्से का जो सामान आता है, वह भी नहीं मिल रहा है. साथ ही प्रिंसिपल का व्यवहार लड़कियों के प्रति सही नहीं है.
जल्द कार्रवाई की सिफारिश की
एडीपीसी तनुराम राठौड़ ने अपनी रिपोर्ट शिक्षा आयुक्त जयपुर को भेज दी है. रिपोर्ट में लिखा है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कुछ भी हो सकता है. साथ ही प्रिंसिपल से परेशान लड़कियां हॉस्टल छोड़ भी सकती हैं.
कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं: प्रिंसिपल
प्रिंसिपल कैलाश चंद्र आर्य ने मामले में सफाई दी है कि कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं, बेवजह मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. हॉस्टल की लड़कियों ने कभी मुझसे शिकायत नहीं की, जिस वक्त प्रशासन की टीम आई उस वक्त में छुट्टी पर था. हायर सेकेंडरी स्कूल हरसाणी में कार्यरत प्रिंसिपल कैलाश आर्य के पास वर्तमान में गर्ल्स हॉस्टल का भी चार्ज है.