scorecardresearch
 

करौली में पुजारी को जिंदा जलाने के मामले में HC ने राजस्थान सरकार को भेजा नोटिस

राजस्थान के करौली में पुजारी को जिंदा जलाने के मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करके 23 अक्टूबर तक जवाब मांगा है.

करौली में पुजारी को जिंदा जला दिया गया था (फाइल फोटो) करौली में पुजारी को जिंदा जला दिया गया था (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • करौली मामले में जनहित याचिका दाखिल
  • हाई कोर्ट ने राजस्थान सरकार से मांगा जवाब

राजस्थान के करौली में पुजारी को जिंदा जलाने के मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करके 23 अक्टूबर तक जवाब मांगा है. इस मामले में एक पीआईएल दाखिल हुई थी, जिसमें परिवार को सुरक्षा देने की मांग के साथ आरोपियों को बचाने की शिकायत की गई थी. 23 अक्टूबर को महाधिवक्ता को इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने पेश होने को कहा है.

गौरतलब है कि जमीन विवाद में दबंगों ने पुजारी बाबूलाल वैष्णव को पेट्रोल छिड़ककर जला दिया था. 80 फीसदी से अधिक जल चुके बाबूलाल वैष्णव का उपचार के दौरान जयपुर के सवाई माधो सिंह अस्पताल में निधन हो गया था. पुजारी के परिजन और ग्रामीणों ने अंत्येष्टि से इनकार करते हुए इंसाफ, 50 लाख मुआवजे और एक सदस्य को नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था.

पुजारी बाबूलाल वैष्णव की हत्या के 6 दिन बाद क्राइम ब्रांच क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीबीसीआईडी) ने मामले की जांच शुरू कर दी थी. सीबीसीआईडी की टीम बुकना गांव पहुंचकर मौका-ए-वारदात का मुआयना किया था. सीबीसीआईडी का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा कर रहे हैं.

इससे पहले सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर गहलोत सरकार में मंत्री अशोक चांदना, कांग्रेस के चीफ व्हिप महेश जोशी और क्षेत्रीय विधायक रमेश मीणा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. सरकार के प्रतिनिधियों ने पुजारी के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे का चेक भी सौंपा. गहलोत सरकार के कैबिनेट मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि इस घटना की तुलना हाथरस से न की जाए.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें