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राजस्थान की राजनीति में प्रियंका का पंच, गहलोत-पायलट गुट को एक करने की Inside Story

12 जुलाई को ही प्रियंका गांधी ने राजस्थान में मचे घमासान के पैचअप की जिम्मेदारी संभाल ली थी. इसके लिए प्रियंका गांधी ने पहले सचिन पायलट के ससुर फारूक अब्दुल्ला और साले उमर अब्दुल्ला के जरिए सचिन पायलट से संपर्क साधा था. उसके बाद दीपेंद्र हुड्डा और भंवर जितेंद्र सिंह ने भी सचिन पायलट को समझाने का काम किया.

सीएम गहलोत से मिले सचिन पायलट (फोटो: PTI) सीएम गहलोत से मिले सचिन पायलट (फोटो: PTI)

  • सचिन पायलट को वापस लाने में प्रियंका ने निभाई अहम भूमिका
  • प्रियंका गांधी ने इसके लिए अब्दुल्ला परिवार की भी मदद ली थी

उत्तर प्रदेश की राजनीति तक खुद को सीमित रखने वाली प्रियंका गांधी पहली बार राजस्थान की राजनीति में काफी सक्रिय ढंग से कूदी हैं और अपने बिखरते कुनबे को बचा लिया है. 10 जुलाई को पहली बार कांग्रेस की फूट सामने आई थी. कहते हैं उसके बाद 12 जुलाई को ही प्रियंका गांधी ने राजस्थान में मचे घमासान के पैचअप की जिम्मेदारी संभाल ली थी.

इसके लिए प्रियंका गांधी ने पहले सचिन पायलट के ससुर फारूक अब्दुल्ला और साले उमर अब्दुल्ला के जरिए सचिन पायलट से संपर्क साधा था. उसके बाद दीपेंद्र हुड्डा और भंवर जितेंद्र सिंह ने भी सचिन पायलट को समझाने का काम किया. इस बीच पी चिदंबरम और और कपिल सिब्बल भी मैदान में कूदे थे.

प्रियंका गांधी को असली सफलता तब मिली जब सचिन पायलट कमजोर पड़े और प्रियंका गांधी के फोन करने पर सचिन पायलट उनसे मिलने के लिए राहुल गांधी के घर पहुंचे. वहां पर करीब 2 घंटे तक बैठक चली. इसमें सचिन पायलट ने अपनी बातें कहीं और प्रियंका गांधी ने भी कहा कि पार्टी ने आपको इतना कुछ दिया है आपने पार्टी छोड़ने के बारे में सोचा कैसे. जिसके बाद बाहर आकर सचिन पायलट ने कहा कि गांधी परिवार की पहल पर अशोक गहलोत की सरकार बच गई है और हमने भरोसा दिया है सरकार बाकी के साढ़े 3 साल का कार्यकाल पूरा करेगी.

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इस मुलाकात के बाद सचिन पायलट जयपुर आ गए मगर अशोक गहलोत जैसलमेर के लिए रवाना हो गए. 48 घंटे तक दोनों नेताओं की कोई मुलाकात नहीं हुई तो एक बार फिर से प्रियंका गांधी ने कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को जयपुर भेजा. बुधवार की रात 10:30 बजे केसी वेणुगोपाल जयपुर पहुंचे और सीधे फेयर माउंट होटल गए जहां पर अशोक गहलोत ने अपने विधायकों को जैसलमेर से ला कर रखा था.

उसके बाद गुरुवार सुबह से केसी वेणुगोपाल प्रियंका गांधी से अशोक गहलोत और सचिन पायलट की बात करवा कर शाम 5:00 बजे के लिए विधायक दल की बैठक तय की. विधायक दल की बैठक से पहले भी तमाशा हुआ की बैठक कहां होगी. पहले तय हुआ की बैठक फेयरमाउंट होटल में होगी. फिर तय हुआ कि मुख्यमंत्री निवास में होगी मगर पायलट गुट के कुछ विधायकों के विरोध पर तय हुआ कि विधानसभा में होगी. लेकिन अंत में एक बार फिर से यह तय हुआ कि शाम 5:00 बजे विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री निवास में ही होगी.

इसके बाद फेयर माउंट होटल से 4:00 बजे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केसी वेणुगोपाल मुख्यमंत्री निवास पहुंचे. उनके पहुंचते ही तुरंत कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे का ट्वीट आया कांग्रेस से निलंबित विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह का निलंबन वापस लिया गया. फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रियंका गांधी के कहने पर सचिन पायलट को फोन कर अपने घर बुलाया और करीब 45 मिनट तक दोनों नेता अपने गिले-शिकवे दूर करते रहे.

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इस बीच कहा जा रहा है कि वहीं से केसी वेणुगोपाल ने दोनों की बात कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से भी करवाई. दोनों की तस्वीरें जारी करने के बाद मुख्यमंत्री निवास में बैठक शुरू हुई. जहां पर दोनों ही नेताओं ने विक्ट्री का साइन दिखाया और कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव त्यागी के निधन पर शोक भी जताया.

सचिन पायलट ने इस मौके पर बोलते हुए कहा कि मैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी का आभार प्रकट करता हूं जिन्होंने मुझे उपमुख्यमंत्री बनाया और कांग्रेस अध्यक्षा का आभार प्रकट करता हूं जिन्होंने कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर रहते हुए हमने 6 साल तक काम किया और आप लोगों ने सहयोग किया उसके लिए आभार.

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि हमने बीजेपी की सरकार गिराने की साजिश विफल कर दी है.

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