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महापंचायतः किरोड़ी सिंह बैंसला का सरकार को अल्टीमेटम, मांग पूरी नहीं हुई तो करेंगे चक्का जाम

राजस्थान के गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा है कि अगर आरक्षण को लेकर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वो 1 नवंबर से फिर आंदोलन करेंगे. किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में राजस्थान के भरतपुर में एक महापंचायत बुलाई गई थी, जिसमें गुर्जर नेताओं ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया. गुर्जर नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो गुर्जर समुदाय एक नवंबर को पूरे प्रदेश में चक्का जाम करेगा.

गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला (फोटो-ANI) गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला (फोटो-ANI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बैकलॉग भर्ती में 35000 नियुक्तियों की मांग
  • मांग पूरी नहीं होने पर चक्का जाम की चेतावनी
  • भरतपुर में बुलाई गई थी गुर्जर महापंचायत

राजस्थान के गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा है कि अगर आरक्षण को लेकर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वो 1 नवंबर से फिर आंदोलन करेंगे. किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में राजस्थान के भरतपुर में एक महापंचायत बुलाई गई थी, जिसमें गुर्जर नेताओं ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया. गुर्जर नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो गुर्जर समुदाय एक नवंबर को पूरे प्रदेश में चक्का जाम करेगा.

राजस्थान के भरतपुर में अपनी मांगों को लेकर गुर्जर समुदाय द्वारा आयोजित हुई महापंचायत में गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने राज्य सरकार को अल्टीमेटम दिया. उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांग पूरी नहीं की तो गुर्जर समुदाय आगामी 1 नवंबर को पूरे प्रदेश में चक्का जाम करेगा.

किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि फिलहाल रवि फसल की बुबाई का काम चल रहा है जिसमें लोग व्यस्त हैं. इसलिए यह समय आंदोलन के लिए उचित नहीं है. लेकिन सरकार को अल्टीमेटम देते हुए महापंचायत को शांतिपूर्ण तरीके से ख़त्म किया गया. उसके बाद जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली.

एफआईआर दर्ज

वहीं गुर्जर महापंचायत के लिए गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला और 33 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. बयाना पुलिस ने गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला और 33 अन्य नेताओं के खिलाफ धारा 188, 269, 270 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, राजस्थान महामारी अधिनियम 2020 के तहत रविवार को भरतपुर के उप-विभाजन बयाना के ग्राम अडा में बिना प्रशासनिक अनुमति के अवैध महापंचायत शुरू करने के लिए एफआईआर दर्ज की.
 
जानकारी के मुताबिक गुर्जरों कि इस महापंचायत में ढाई हजार के करीब भीड़ इकट्ठा हुई थी जो गुर्जर नेताओं की उम्मीद से भी कम थी. गुर्जर नेता इस महापंचायत में 20 हजार लोगों के जुटने का दावा कर रहे थे और इसकी वजह आपसी फूट भी बताई जा रही है.
 
गौरतलब है कि गुर्जर समुदाय ने अपनी मांगों को लेकर महापंचायत कर सरकार के सामने अपना शक्ति प्रदर्शन किया था. उनकी मांग है कि बैकलॉग भर्ती में 35000 नियुक्तियां गुर्जर समुदाय के लोगों की दी जाए. आंदोलन में शहीद हुए लोगों की विधवा महिलाओं को सरकारी नौकरी दी जाए. गुर्जर आरक्षण को केंद्र में दिलाने के लिए 9वीं सूची में डाला जाए. बीते गुर्जर आंदोलनों में लगे पुलिस मुकदमों को वापस लिया जाए.


 

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