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पराली को लेकर रस्साकशी जारी, किसान बोले- पंजाब सरकार से नहीं मिली मदद

पंजाब में पराली जलाने को लेकर किसानों को दोषी ठहराया जा रहा है. वहीं, किसानों का दावा है कि उन्हें अभी तक सरकार से कोई मदद नहीं मिली है.

पराली जलने से दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी परेशानी (फाइल फोटो) पराली जलने से दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी परेशानी (फाइल फोटो)

दिल्ली-NCR में प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है, लेकिन इस पर सियासत तेज है. पंजाब में किसान और सरकार के बीच रस्साकशी जारी है. वहीं, समाधान की जगह राजनीतिक दल दिल्ली की हालत के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराने में जरा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं.

पंजाब में पराली जलाने को लेकर किसानों को दोषी ठहराया जा रहा है. सरकार ने जो उपाय किए हैं, उन्हें सूचीबद्ध करने से सरकार खुद को दोष से बचा रही है. वहीं, किसानों का दावा है कि उन्हें अभी तक सरकार से कोई मदद नहीं मिली है. 

सरकार का दावा है कि पंजाब में पंचायतें फॉर्म भरती हैं, जिन्हें उन किसानों द्वारा भरा जा सकता है, जो पराली नहीं जलाते हैं. राज्य सरकार की मानें तो फिरोजपुर के 50 वर्षीय किसान राजपाल सिंह ने पिछले साल धान का पुआल नहीं जलाया था, लेकिन उन्हें मुआवजे के लिए आवेदन करने के लिए भरे जाने वाले किसी भी फॉर्म के बारे में सूचित नहीं किया. 

फरीदकोट जगजीत सिंह ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में मुआवजे को लेकर गंभीर थी तो उन्हें हमें इसके बारे में सुचारू ढंग से जानकारी देनी चाहिए थी. मुआवजे के लिए सरकार की योजना के बारे में पूछे जाने पर कई किसान अनजान थे. 

फिरोजपुर के किसान दिलीप सिंह ने कहा कि उन्होंने इस साल पराली नहीं जलाई है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि मुआवजे के लिए किससे संपर्क किया जाए. वहीं, फरीदकोट के किसान सुरजीत सिंह ने कहा कि पिछली बार नुकसान हुआ था. इस साल वो धान के पुआल को जलाने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि वह पिछले साल की तरह नुकसान नहीं उठाना चाहते हैं. 

वहीं, सरकार का कहना है कि जिन किसानों ने पराली नहीं जलाने की शर्तों को पूरा किया, उन्हें 30 नवंबर, 2019 तक संबंधित पंचायत को स्व-घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा. सरकार के मुताबिक, मुआवजा राशि सीधे पात्र किसान के बैंक खाते में जमा की जाएगी. 

इधर, कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह वैद ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर से बात हुई है. सरकार मुआवजे के मुद्दे पर काम कर रही है. मुझे उम्मीद है कि हम सक्षम होंगे और बहुत जल्द मुआवजे का मसला हल हो जाएगा. 

झूठ बोलना बंद करें केजरीवालः सीएम पंजाब

शुक्रवार को दिल्ली के प्रदूषण और पराली जलाने से राजधानी में पड़ने वाले असर से जुड़े जारी नए आंकड़ों का पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्वागत किया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पर्यावरण को रोकने में अपनी नाकामी छिपाने के चक्कर में झूठ बोलना बंद कर दें.

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बयान दिया था कि दिल्ली में पराली की वजह से सिर्फ चार फीसदी प्रदूषण होता है बाकी प्रदूषण यहां की ही लोकल समस्याओं के कारण होता है.
 


 

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