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झुकी पंजाब सरकार, अब सीधे किसानों के खाते में जाएगा MSP का पैसा

पंजाब अकेला राज्य है जो आढतिया समुदाय के जरिए एमएसपी का भुगतान कर रहा था. सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर पंजाब सरकार ने सीधे किसानों के खातों में एमएसपी भुगतान भेजना शुरू नहीं किया तो पंजाब से खाद्यान्न की खरीद बंद कर दी जाएगी.  

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • MSP के मुद्दे पर आमने-सामने केंद्र और पंजाब सरकार
  • DBT के माध्यम से MSP भुगतान के लिए राजी पंजाब
  • अब आढ़तियों को कमीशन मिलना बंद

पंजाब सरकार शनिवार तक आढ़तियों (कमीशन एजेंट्स) की भाषा बोलती नजर आ रही थी, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से सख्त रुख अपनाए जाने की वजह से उसे झुकना पड़ा. केंद्र सरकार ने MSP भुगतान, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए करने के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया हुआ था. जबकि पंजाब सरकार का कहना था कि MSP पहले की तरह ही यानी आढ़तियों के माध्यम से ही दी जाए. लेकिन अब पंजाब सरकार झुक गई और इसके बाद अब गेहूं की खरीद का काम फिर शुरू हो गया है.  

पंजाब सरकार अभी तक जोर दे रही थी कि भुगतान आढ़तियों के जरिए ही किया जाए लेकिन केंद्र सरकार ने साफ कर दिया कि इस मुद्दे पर आगे पंजाब को कोई ओर छूट नहीं दी जाएगी. बता दें कि पंजाब अकेला राज्य है जो आढ़तिया समुदाय के जरिए एमएसपी भुगतान कर रहा था. सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर पंजाब सरकार ने सीधे किसानों के खातों में एमएसपी भुगतान भेजना शुरू नहीं किया तो पंजाब से खाद्यान्न की खरीद बंद कर दी जाएगी.  

पंजाब सरकार को बताया गया कि खाद्यान्न की खरीद किसानों और केंद्र सरकार के बीच की व्यवस्था है जिसमें पंजाब सरकार सिर्फ एक एजेंसी है. पंजाब सरकार के पास इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के सामने झुकने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था.  

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, हमने केंद्र के खिलाफ सख्ती से लड़ाई लड़ी, लेकिन वो अड़े रहे, वो यहां तक धमकी देने की हद पर आ गए कि अगर डीबीटी को लागू नहीं किया गया तो पंजाब से खरीद रोक दी जाएगी. केंद्र सरकार ने इस बार पंजाब को सिर्फ एक छूट दी है कि उसने नेशनल-ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के तहत अगले छह महीने के लिए भूमि रिकार्ड्स के अपडेशन को टाल दिया है.    

आढ़तिए पंजाब सरकार से भी खुश नहीं हैं क्योंकि इसने उनके 131 करोड़ रुपए के भुगतान को रोके रखा. आढ़तियों ने अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला किया जब पंजाब सरकार ने उनके रोके हुए भुगतान को तत्काल जारी करने का ऐलान किया.  

पंजाब में 4700 आढ़तिए हैं जो APMC एक्ट के तहत खाद्यान्न की हैंडलिंग के लिए ढाई प्रतिशत कमीशन वसूल करते हैं. आढ़तिया समुदाय फाइनेंसर होने की वजह से किसानों पर नियंत्रण रखता है. केंद्र सरकार के एमएसपी भुगतान पर निर्णय के बावजूद पंजाब सरकार का खुद को आढ़तियों का शुभचिंतक बताने का दावा बरकरार है. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि “आढ़तिए हमेशा खरीद से जुड़े रहेंगे. जब तक मैं यहां हूं, आप सिस्टम का हिस्सा रहेंगे और आपकी भूमिका हमेशा बनी रहेगी.” 

 

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