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पंजाब में घमासान, CM मान का राजभवन तक मार्च ; BJP का सीएम आवास पर हल्लाबोल

पंजाब में आम आदमी पार्टी ने विशेष सत्र बुलाकर विश्वास मत पेश करने की तैयारी की थी. लेकिन राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने विशेष सत्र को रद्द कर दिया था. उन्होंने तर्क दिया था कि सरकार खुद इस तरह से विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव नहीं ला सकती है. इसके लिए संविधान में कोई प्रावधान नहीं दिया गया है.

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भगवंत मान ने बुलाई आप विधायकों की बैठक
भगवंत मान ने बुलाई आप विधायकों की बैठक

पंजाब में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और विपक्ष भारतीय जनता पार्टी के बीच घमासान जारी है. जहां राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित द्वारा विशेष सत्र की मांग को रद्द करने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सभी आप विधायकों ने विधानसभा से राजभवन तक शांति मार्च निकाला. तो वहीं, बीजेपी ने इस मामले में सीएम भगवंत मान के घर का घेराव करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया.

 

 

दरअसल, पंजाब में आम आदमी पार्टी ने विशेष सत्र बुलाकर विश्वास मत पेश करने की तैयारी की थी. लेकिन राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने विशेष सत्र को रद्द कर दिया था. उन्होंने तर्क दिया था कि सरकार खुद इस तरह से विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव नहीं ला सकती है. इसके लिए संविधान में कोई प्रावधान नहीं दिया गया है.

राज्यपाल के इस फैसले के बाद सीएम भगवंत मान ने कैबिनेट बैठक बुलाई. इसमें मौजूदा राजनीतिक हालातों पर चर्चा हुई. इस बैठक के बाद मान के नेतृत्व में सभी 92 विधायक विधानसभा से राजभवन तक मार्च पर निकले. यह मार्च कथित ऑपरेशन लॉटस के खिलाफ है. 

 

 

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के बाद पंजाब में भी बीजेपी पर ऑपरेशन लॉटस की कोशिश करने का आरोप लगाया था. आप का आरोप था कि पंजाब में बीजेपी ने आप के विधायकों को खरीदने की कोशिश की, हालांकि, यह असफल रहा. इसके बाद सीएम भगवंत मान ने विशेष सत्र बुलाकर विश्वास मत पेश करने का ऐलान किया था. लेकिन राज्यपाल ने इसकी इजाजत नहीं दी.

बीजेपी करेगी सीएम आवास का घेराव

बीजेपी पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राज्यपाल के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह फैसला संविधान के अनुसार है और उन्होंने पंजाब की जनता के हित्त में अपने अधिकार का प्रयोग किया है. शर्मा ने कहा कि भगवंत मान के लिए केजरीवाल द्वारा कही गई हर बात संविधान है और वो उसकी पालना करना अपना परम कर्तव्य मानते हैं. अश्वनी शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा इस संबंध में माननीय राज्यपाल जी को पत्र भी लिखा गया था. आम आदमी पार्टी राज्यपाल के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दे रही है, जो कि घोर निंदनीय व अशोभनीय है.

 

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