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पंजाब: अमरिंदर बोले- किसानों के मुद्दे पर समझौता नहीं, चाहे गिर जाए सरकार

पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने विधानसभा में केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया है.

पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब में प्रस्ताव
  • अमरिंदर बोले- जरूरत पड़ी तो इस्तीफा दूंगा

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया गया है. पंजाब ऐसा करने वाला पहला राज्य बना है. इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने बयान में कहा है कि चाहे उनकी सरकार गिर जाए और इस्तीफा देना पड़े, लेकिन किसानों के मामले में वो समझौता नहीं करेंगे.

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कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वो इससे पहले पानी के मसले पर भी अपना पद छोड़ चुके हैं, ऐसे में दोबारा भी वही रास्ता अपना सकते हैं. सतलज यमुना लिंक के मामले पर कैप्टन अमरिंदर ने 2016 में लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था.

गौरतलब है कि केंद्र द्वारा लाए गए कानूनों का सबसे अधिक विरोध पंजाब और हरियाणा में ही हो रहा है. कई दिनों से किसान पंजाब में सड़कों पर हैं और रेल रोको अभियान भी चला रहे हैं. इस बीच पंजाब सरकार ने कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है.

मंगलवार को पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव लाया गया, जिसमें केंद्र के कानूनों का विरोध किया गया. इसके अलावा राज्य सरकार ने अपने स्तर पर तीन बिल पेश किए हैं, जिनमें किसी भी किसान को एमएमसी से कम दाम पर फसल देने का दबाव बनाने वाले पर तीन साल की सजा का प्रावधान है.

इसके अलावा किसान पर फसल, जमीन या दाम को लेकर दबाव बनाने वाली कंपनी या किसी खरीदार पर भी एक्शन लेने का प्रस्ताव रखा है. पंजाब सरकार का कहना है कि इन विधेयकों के बाद अगर सुप्रीम कोर्ट जाने की जरूरत पड़ती है, तो वो उसके लिए भी तैयार हैं. 


 

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