scorecardresearch
 

नतीजों के 10 दिन... सरकार बना काम पर जुटी AAP, भाजपा में अभी सस्पेंस बरकरार

पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने सरकार बनाकर अपना काम शुरू कर दिया है जबकि बीजेपी उत्तराखंड और गोवा में अभी तक सीएम का चेहरा तय नहीं कर सकी और यूपी में भी औपचारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है. मणिपुर में एन बीरेन सिंह के नाम पर मुहर लगी है. ऐसे में सवाल उठता है कि नतीजे के दस दिन के बाद भी बीजेपी क्यों सरकार गठन नहीं कर सकी.

X
बीजेपी की जीत के बाद जश्न मनाते योगी आदित्यनाथ बीजेपी की जीत के बाद जश्न मनाते योगी आदित्यनाथ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गोवा और उत्तराखंड में सीएम चेहरे पर लगेगी मुहर
  • पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सरकार गठन कर लिया
  • यूपी में बीजेपी अभी तक क्यों सरकार गठन नहीं किया

देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव हो गए हैं, इनमें से चार में बीजेपी और एक में आम आदमी पार्टी को जीत मिली है. पंजाब में आम आदमी पार्टी भगवंत मान सिंह की अगुवाई में सरकार बनाकर काम में भी जुट गई है. वहीं, चुनाव नतीजों के 10 दिन बीत जाने के बाद भी बीजेपी ने अब तक किसी भी राज्य में सरकार का गठन नहीं किया है. बीजेपी ने मणिपुर छोड़कर बाकी राज्य में न तो मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर आधिकारिक घोषणा की है और न ही मंत्रिमंडल के नामों को लेकर तस्वीर साफ हुई है. ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार गठन को लेकर बीजेपी में क्यों सस्पेंस बरकरार है.  

बीजेपी ने मणिपुर के सीएम के लिए बीरेन सिंह के नाम पर मुहर लगा दी है जबकि उत्तराखंड और गोवा में अभी भी सस्पेंस बरकरार है. हालांकि, उत्तराखंड और गोवा में सोमवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर मुहर लगेगी. वहीं, उत्तर प्रदेश में शपथ ग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन कैबिनेट को लेकर माथापच्ची चल रही है. सीएम के लिए योगी आदित्यनाथ का नाम तय माना जा रहा है, लेकिन औपचारिक घोषणा होना बाकी है. 

यूपी में क्यों बना हुआ है सस्पेंस?

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है. यूपी के सियासी इतिहास में 37 साल के बाद किसी पार्टी की सत्ता में रहते हुए वापसी हुई. ऐसे में 25 मार्च को लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में शाम चार बजे शपथ ग्रहण कार्यक्रम होगा. योगी आदित्यनाथ का मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है, लेकिन उनके नाम की अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं हुई है. 

केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित शाह और सह पर्यवेक्षक रघुवर दास की मौजूदगी में 24 मार्च को लखनऊ के लोकभवन के सभागार में बीजेपी के विधायक दल का नेता का चुना किया जाएगा. बैठक में सीएम चेहरे पर मुहर लगने के साथ-साथ मंत्रिमंडल के गठन की भी प्रक्रिया होनी है. योगी को सीएम बनाने का फैसला इसी विधायक दल की बैठक में होगा. वहीं, कैबिनेट में किन चेहरों को शामिल किया जाना है और किसे नहीं, इसकी रूप रेखा अमित शाह तैयार करेंगे. 

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य अपनी सिराथू सीट से चुनाव हार गए हैं, जिसके चलते उनकी भूमिका भी तय होनी है. प्रदेश के मतदाताओं में करीब 5 फीसदी कुशवाहा, शाक्य, सैनी और मौर्य मतदाता हैं. केशव इस वर्ग के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं. ऐसे में बीजेपी इस वोट बैंक को साधे रखने के लिए केशव प्रसाद मौर्य को अहम भूमिका में रखना चाहती है. बीजेपी कैबिनेट के जरिए सूबे के क्षेत्रीय और जातीय समीकरण को भी साधने की कवायद कर रही है, जिसके लिए मंत्रिमंडल के लिए माथापच्ची चल रही है. ऐसे में देखना होगा कि इस बार बीजेपी कैसे सत्ता का संतुलन बनाती है. 

उत्तराखंड में विधायक दल की बैठक

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी के चुनाव हार जाने के चलते बीजेपी को सीएम चेहरे के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री का ताज किसके सिर सजेगा, इसका फैसला आज सोमवार को होने जा रही भाजपा विधायक मंडल दल की बैठक में होगा. केंद्रीय पर्यवेक्षक एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेंगे तो सोमवार को ही प्रोटेम स्पीकर बंशीधर भगत नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे. 

विधानसभा चुनाव में दो तिहाई बहुमत हासिल करने वाली बीजेपी में कई दिनों से मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा सस्पेंस सोमवार को खत्म हो जाएगा. भाजपा प्रदेश कार्यालय में शाम साढ़े चार बजे विधायक मंडल दल की बैठक होगी, जिसमें नेता का चुनाव होगा, जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम पर ऐलान किया जाएगा. मुख्यमंत्री पद के लिए पुष्कर सिंह धामी से लेकर सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, ऋतु खंडूड़ी, पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट, सांसद अनिल बलूनी के नाम चर्चाओं में है. 

गोवा में सीएम के नाम पर लगेगी मुहर

गोवा में बीजेपी जीतकर सत्ता में वापसी की है, लेकिन दस दिन के बाद भी मुख्यमंत्री की तस्वीर साफ नहीं हो सकी है. ऐसे में विधायक दल की बैठक सोमवार को होगी, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी और शपथ की तारीख भी तय की जाएगी. प्रमोद सावंत और विश्वजीत राणे गोवा के मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं. पिछले दिनों दोनों ही नेताओं ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. 

गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए हाल ही में संपन्न चुनाव में बीजेपी ने सर्वाधिक 20 सीटों पर जीत दर्ज की है. एमजीपी के दो विधायकों और तीन निर्दलियों के समर्थन जताने से बीजेपी के लिए गोवा में सरकार बनाने का रास्ता आसान हो गया है. बीजेपी ने मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया के पर्यवेक्षण और अगली सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर और एल मुरुगन को क्रमशः पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.

दस दिन के बाद मणिपुर में सीएम चेहरे पर मुहर

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को घोषणा की है कि मणिपुर में एन बीरेन सिंह मुख्यमंत्री बने रहेंगे. बीजेपी की ओर से केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में मणिपुर भेजी गईं सीतारमण ने कहा कि सिंह को सर्वसम्मति से पार्टी के राज्य विधायक दल ने अपना नेता चुना. यह सभी की सर्वसम्मति से लिया गया एक अच्छा निर्णय है. यह सुनिश्चित करेगा कि मणिपुर में एक स्थिर और जिम्मेदार सरकार हो जो आगे निर्माण करेगी क्योंकि केंद्र पीएम मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर राज्यों पर विशेष ध्यान देता है. 

हालांकि, इस पहले 10 फरवरी को चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री पद की दौड़ में बीरेन सिंह के अलावा बीजेपी विधायक बिस्वजीत सिंह शामिल थे. दोनों ही नेताओं ने दो बार दिल्ली जाकर केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की थी. इसे दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों द्वारा अपने पक्ष में की जा रही खेमेबंदी के रूप में देखा जा रहा था, हालांकि दोनों ही गुट मतभेदों से इनकार भी कर रहे थे.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें