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Tiranga Yatra पर आर-पार, बीजेपी के आरोप पर राहुल गांधी का पलटवार- देश की शान है हमारा तिरंगा

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत दिल्ली के लाल किला से इंडिया गेट होते हुए संसद भवन तक निकाली गई तिरंगा यात्रा से विपक्षी दलों ने किनारा कर लिया. इसे लेकर अब सत्ता पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग छिड़ गई है. सत्ता पक्ष ने विपक्षी दलों पर हमला बोला तो कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी शायराना अंदाज में ट्वीट कर पलटवार किया है.

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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने तिरंगा यात्रा को दिखाई हरी झंडी
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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने तिरंगा यात्रा को दिखाई हरी झंडी

देश की आजादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं. 15 अगस्त को देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके को खास बनाने के लिए सरकार की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव के तहत कई खास आयोजन किए जा रहे हैं. बुधवार को दिल्ली में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत तिरंगा यात्रा निकाली गई.

दिल्ली के लाल किले से इंडिया गेट होते हुए संसद भवन तक निकाली गई इस तिरंगा यात्रा में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी सांसद और मंत्री शामिल हुए, लेकिन इस आयोजन से विपक्षी सांसदों ने किनारा कर लिया. बाइक रैली की शक्ल में निकली सांसदों की तिरंगा यात्रा से विपक्षी दलों के किनारा करने के बाद इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग छिड़ गई है.

सत्ता पक्ष तिरंगा रैली से किनारा करने को लेकर विपक्ष पर हमलावर हो गया है, वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सत्ता पक्ष पर पलटवार किया है. राहुल गांधी ने शायराना अंदाज में ट्वीट कर कहा है कि देश की शान है हमारा तिरंगा, हर हिंदुस्तानी के दिल में है हमारा तिरंगा.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इसे लेकर ट्वीट किया. प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा- विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा. लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने इसे लेकर कहा कि कौन देशभक्त है, सब जानते हैं. देश की आजादी के लिए जो अखबार निकाला गया था, उसके खिलाफ क्या घिनौनी साजिश हो रही है, ये भी देखो. अधीर रंजन ने कहा कि हम बीजेपी का राजनीतिक एजेंडा कैसे लेंगे, हम अपना आयोजन करेंगे.

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकारी कार्यक्रम में जो राजनीतिक एजेंडा चलाया जाता है, उसमें कैसे शामिल हों. सरकार की आड़ में बीजेपी राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित कर रही है. उन्होंने बीजेपी पर खादी को खत्म करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब चीन से तिरंगा आने लगा, फ्लैग कोड बदल दिया गया. वहीं, तिरंगा यात्रा से कांग्रेस सांसदों के किनारा करने को लेकर पार्टी के पवन खेड़ा ने आजतक से बात करते हुए कहा कि बीजेपी और केंद्र सरकार में कोई अंतर नहीं है.

उन्होंने कहा कि हमारे लिए ये पैशन और कमिटमेंट है. पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ती दूरी को लेकर प्रधानमंत्री को चिंतित होने की जरूरत है. उन्होंने ये भी कहा कि हम प्रधानमंत्री से आग्रह करना चाहेंगे कि वे मोहन भागवत और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी अपनी डीपी पर तिरंगा लगाने के लिए कहेंगे.

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला है. कपिल सिब्बल ने कहा है कि हम सभी चाहते हैं कि भारत महानता को पाने के लिए कथित नींद से उठे. हम भारत के लोगों को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि देश में लोकतंत्र पनपे और इसे कुंद करने के सभी प्रयासों का विरोध करें.

बीजेपी ने विपक्ष को घेरा

बीजेपी ने तिरंगा यात्रा को लेकर विपक्षी दलों पर हमला बोला. बीजेपी के अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा कि आज सुबह दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से सांसदों की तिरंगा बाइक रैली को उपराष्ट्रपति ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. विपक्षी सांसदों ने इस रैली में भाग नहीं लेने का विकल्प चुना. उन्होंने ये सवाल किया कि बीजेपी हमारे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक तिरंगे की एकमात्र संरक्षक है, क्या यह इस बात की स्पष्ट स्वीकारोक्ति नहीं है?

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी ट्वीट कर विपक्ष को घेरा. शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर कहा कि संस्कृति मंत्रालय ने सभी दलों के सांसदों की तिरंगा बाइक रैली आयोजित की थी. इसमें केवल बीजेपी और एनडीए के सांसद ही नजर आए. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और सपा के सांसद इस रैली में नहीं थे. क्या तिरंगा किसी एक पार्टी का है या देश का? शहजाद पूनावाला ने हमला बोलते हुए राष्ट्रपति से तिरंगा तक, इस तरह के अपमान क्यों? गृह मंत्री अमित शाह के साथ ही जी किशन रेड्डी, स्मृति ईरानी और बीजेपी के कई अन्य नेताओं ने भी तिरंगा यात्रा को लेकर ट्वीट किए हैं.

सभी सांसदों को गया था न्यौता

संस्कृति मंत्रालय ने इस आयोजन के लिए सभी सांसदों को न्यौता भेजा था जिसमें विपक्षी दलों के सांसद भी शामिल हैं. तिरंगा यात्रा में विपक्षी सांसदों के शामिल नहीं होने को लेकर स्मृति ईरानी ने भी सवाल उठाए और कहा कि ये देश की आजादी का महोत्सव है. हर किसी का अधिकार और कर्तव्य है कि आजादी का महोत्सव मनाए. उन्होंने कहा कि क्या विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वे तिरंगा यात्रा में शामिल हों. ये विपक्ष को सोचना चाहिए कि वे इसमें शामिल क्यों नहीं हुए.

लाल किले से विजय चौक तक तिरंगा यात्रा

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत लाल किले से संसद भवन के बाहर विजय चौक तक तिरंगा यात्रा निकली. उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने हरी झंडी दिखाकर तिरंगा यात्रा को रवाना किया. करीब घंटेभर चली ये तिरंगा यात्रा इंडिया गेट होते हुए संसद भवन तक पहुंची. तिरंगा यात्रा में बीजेपी के नेता, मंत्री और सांसद शामिल हुए. पूर्व मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, मीनाक्षी लेखी, स्मृति ईरानी, मनोज तिवारी, दिनेश लाल यादव निरहुआ, जनरल वीके सिंह भी शामिल हुए.

 

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