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'वह जल्द ही बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री होंगी', ममता बनर्जी पर शुभेंदु अधिकारी ने साधा निशाना

शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को सीएम ममता बनर्जी से हुई मुलाकात को शिष्टाचार भेंट करार दिया था. इस दौरान शुभेंदु के साथ विधायक अग्निमित्रा पॉल, अशोक लाहिड़ी और मनोज तिग्गा भी साथ गए थे. दोनों नेताओं की इस मुलाकात से राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट शुरू हो गई थी.

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शुभेंदु अधिकारी व ममता बनर्जी
शुभेंदु अधिकारी व ममता बनर्जी

बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद एक बार फिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है. इस दौरान उन्होंने चुनौती देते हुए कहा है कि जैसे उन्होंने नंदीग्राम में ममता को हराया था, वैसे ही आगे भी हराएंगे. दरअसल, उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में मतुआ समुदाय को लेकर बीजेपी की ओर से आयोजित एक जनसभा के बाद उन्होंने कहा कि बंगाल में ममता बनर्जी का समय खत्म हो गया है. वह जल्द ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री होंगी.

उन्होंने कहा, "एक दिन पहले इनडोर स्टेडियम में ममता बनर्जी ने एक बैठक में कहा था कि वह मेरा नाम भी नहीं लेना चाहती हैं और मैंने पश्चिम बंगाल के लिए फंड रोकने के लिए केंद्र को लिखा है. अब वह कहती हैं कि मैं एक स्नेही भाई की तरह था."

शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को सीएम ममता बनर्जी से हुई मुलाकात को शिष्टाचार भेंट करार दिया था. इस दौरान शुभेंदु के साथ विधायक अग्निमित्रा पॉल, अशोक लाहिड़ी और मनोज तिग्गा भी साथ गए थे. दोनों नेताओं की इस मुलाकात से राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट शुरू हो गई थी. 

वहीं शुभेंदु अधिकारी के भाई दिब्येंदु अधिकारी ने कहा कि यह मुलाकात एक शिष्टाचार मुलाकात थी. उन्होंने आगे कहा कि जब भी सार्वजिनक रूप से अभिषेक बनर्जी कांथी में आते हैं तो वे उन्हें चाय पीने के लिए अपने निवास पर आने के लिए आमंत्रित करते हैं.

अधिकारी ने ठाकुरनगर में सांसद शांतनु ठाकुर के साथ एक रैली में एनआरसी की मांग की. उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से एनआरसी और जनसंख्या नियंत्रण विधेयक की मांग करता हूं. मुसलमानों और ईसाइयों के लिए कई देश हैं. लेकिन हिंदुओं के लिए एक ही मातृभूमि है. इसी रैली में केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि सीएए लागू किया जाएगा. जब एक कानून पारित हो जाता है तो कुछ भी लागू होने से नहीं रोक सकता. कोई सीएम इसे रोक नहीं सकता है. जो इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें जवाब देना होगा.

उन्होंने कहा कि अब से 100 साल बाद आप वहां नहीं होंगे. यदि कोई सरकार आती है और कहती है कि किसी विशेष वर्ष के बीच भारत आए शरणार्थियों को रोहिंग्याओं की तरह बाहर निकाला जाना है. तो क्या आप (मुख्यमंत्री) विरोध करने के लिए वहां होंगे? सीएए नागरिकता देगा, नागरिकता छीनेगा नहीं.

बता दें कि शुभेंदु अधिकारी और बनर्जी के बीच 2020 के अंत से ही अनबन चल रही है. तब अधिकारी ने टीएमसी का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था. तब के विधानसभा चुनावों में उन्होंने नंदीग्राम में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को हराया था. इसके बाद से ही अधिकारी लगातार ममता पर निशाना साधते नजर आ जाते हैं. 

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