scorecardresearch
 

RSS प्रमुख भागवत ने फिर उठाया बंटवारे का मुद्दा, बोले- विभाजन रद्द करके ही मिटेगा दर्द

भागवत ने कहा कि विभाजन कोई राजनैतिक प्रश्न नहीं है, बल्कि यह अस्तित्व का प्रश्न है. भारत के विभाजन का प्रस्ताव स्वीकार ही इसलिए किया गया, ताकि खून की नदियां ना बहें, लेकिन उसके उलट तब से अब तक कहीं ज्यादा खून बह चुका है.

सरसंघचालक मोहन भागवत सरसंघचालक मोहन भागवत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • "विभाजन में सबसे पहली बलि मानवता की ली गई थी"
  • भागवत बोले "तब से अब तक कहीं ज्यादा खून बह चुका"
  • "प्रस्ताव इसलिए स्वीकारा, ताकि खून की नदियां ना बहें"

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि देश का विभाजन कभी ना मिटने वाली वेदना है. उन्होंने कहा कि इसका निराकण तभी होगा, जब ये विभाजन निरस्त होगा. भारत के विभाजन में सबसे पहली बलि मानवता की ली गई. नोएडा में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शिरकत करने आए भागवत ने कहा कि विभाजन कोई राजनैतिक प्रश्न नहीं है, बल्कि यह अस्तित्व का प्रश्न है. भारत के विभाजन का प्रस्ताव स्वीकार ही इसलिए किया गया, ताकि खून की नदियां ना बहें, लेकिन उसके उलट तब से अब तक कहीं ज्यादा खून बह चुका है.

सरसंघचालक भागवत ने कहा कि भारत का विभाजन उस समय की परिस्थिति से ज्यादा इस्लाम और ब्रिटिश आक्रमण का परिणाम था. हालांकि गुरुनानक जी ने इस्लामी आक्रमण को लेकर हमें पहले ही चेताया था. उन्होंने कहा कि भारत का विभाजन कोई उपाय नहीं है, इससे कोई भी सुखी नहीं है. अगर विभाजन को समझना है, तो हमें उस समय से समझना होगा. बता दें कि सर संघचालक मोहन भागवत "विभाजनकालीन भारत के साक्षी" पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे.

किताब के लेखक कृष्णानंद सागर ने "विभाजनकालीन भारत के साक्षी" में देश के उन लोगों के अनकहे और अनसुने अनुभव को शामिल किया है, जो विभाजन के दर्द के गवाह हैं. किताब में विभाजन के साक्षी रहे लोगों के साक्षात्कारों का संकलन है.

नोएडा सेक्टर-12 स्थित भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर में हुए कार्यक्रम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति शंभूनाथ श्रीवास्तव बतौर अध्यक्ष मौजूद रहे. विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री श्रीराम आरावकर और भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के सदस्य सचिव कुमार रत्नम बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे.

(इनपुट-श्रुतिका)

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×