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'नीतीश को हमने नेता बनाया, उनकी पार्टी को खा जाना होता तो...', थर्ड डिग्री में रविशंकर प्रसाद का वार

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने आजतक के खास कार्यक्रम 'थर्ड डिग्री' में नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उनको (नीतीश कुमार) नेता बनाया हमने, कंधे पर बैठाया हमने. जॉर्ज फर्नांडिस और दिग्विजय सिंह के विरोध के बावजूद हमने उनको नेता बनाया.

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बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद
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बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद

लोकसभा के चुनाव 2024 में होने हैं लेकिन सियासी गहमागहमी अभी से ही बढ़ गई है. लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है. सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को टक्कर देने के लिए विपक्षी एकजुटता की बात हो रही है तो वहीं बिहार में बीजेपी से गठबंधन तोड़कर नीतीश कुमार के तेवर कड़े हो गए हैं.

इस बीच सवाल उठ रहे हैं क्या इस बार वाकई बीजेपी को मजबूत चुनौती मिलने वाली है? क्या नीतीश कुमार विपक्ष को एकजुट कर पाएंगे? पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के सांसद रविशंकर प्रसाद ने आजतक के खास कार्यक्रम 'थर्ड डिग्री' में इन सभी सवालों के जवाब दिए. 

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उनको (नीतीश कुमार को) नेता बनाया हमने, कंधे पर बैठाया हमने. 2005 में अरुण जेटली, प्रमोद महाजन, सुषमा स्वराज जब पटना में थे, तब जॉर्ज फर्नांडिस और दिग्विजय सिंह के विरोध के बावजूद उनको नेता बनाया. उन्होंने अच्छा काम किया. 2013 में चले गए तो चले गए.

उन्होंने कहा कि उनको (नीतीश कुमार) नरेंद्र मोदी से चिढ़ थी तो जाते वहीं पर. लालूजी के पास गए, लेकिन दो साल बाद लालू यादव से भी चिढ़ हुई कि भ्रष्टाचार का जवाब नहीं मिल रहा है. बिहार के विकास के लिए हमने फिर से उन्हें गले लगाया. अब फिर चिढ़ गए. आज बिहार में हत्या, लूट और बमबारी हो रही है. आप कहीं तो रहेंगे न, एक जगह रहिए.

नीतीश की पार्टी को खाना होता तो 1995 में ही...

रविशंकर प्नसाद ने कहा कि नीतीश कुमार लालू यादव से 1995 में चारा घोटाला की लड़ाई में अलग हुए. तब हमने कंधे पर बैठाया, अटलजी ने मंत्री बनाया, चेहरा बनाया. उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन हमारा मकसद था. अगर हमें नीतीश की पार्टी को खाना होता तो 1995 में ही सेटिंग कर दिए होते. तब उनकी पार्टी की सात सीटें आई थीं. लेकिन हम ऐसा कभी नहीं करेंगे क्योंकि हम अपने साथियों का सम्मान करते हैं.

नीतीश को रेल मंत्री बनाए जाने से खुश नहीं थे जॉर्ज

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अटलजी ने नीतीश कुमार को रेल मंत्री बनाया. इससे जॉर्ज फर्नांडिस खुश नहीं थे कि इतना बड़ा पद दे दिया. उन्होंने कहा कि साल 2000 में नीतीश को मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन बहुमत नहीं मिला, तो खाने की बात बेकार है. सबसे बड़ी बात ये है कि 2014 में नरेंद्र मोदी को बहुमत मिला, 2019 में बहुमत मिला, फिर भी हमने कहा कि अपने गठबंधन के साथियों को हम जगह देंगे और जगह दी. 

'पीएम बनने का सपना गुलाटी मार रहा'

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार में सुशासन की मजबूरी हमें उनके (नीतीश) साथ जोड़ती थी. लेकिन आज बिहार में क्या हो रहा है. हर रोज हत्या और लूट हो रही हैं. रेलवे में भ्रष्टाचार के आरोप तेजस्वी पर लगे तो उन्हें जवाब नहीं मिला और वह उनका (लालू) साथ छोड़कर हमारे साथ आ गए. नीतीश कुमार के अंदर प्रधानमंत्री बनने का सपना गुलाटी मार रहा है. लेकिन उन्हें ये भी देखना चाहिए विपक्ष में आज कई चेहरे पीएम पद के लिए हैं, ममता बनर्जी, शरद पवार, केसीआर, राहुल गांधी लाइन में हैं. आज देश 90 के दशक से आगे चला गया है. अब नरेंद्र मोदी की अगुवाई में ये देश है अपेक्षा, आशा, विश्वास का.

 

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