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'जब मुसलमान मरेंगे क्या तब ही आपको दर्द होगा', बेगूसराय की घटना पर नीतीश कुमार से बीजेपी का सवाल

बेगूसराय में गोलीकांड को 40 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका है. इस बीच अब इस विवाद पर राजनीति भी शुरु हो गई है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार के पीड़तों की जाति-धर्म का जिक्र करने पर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने निशाना साधा है.

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नीतीश कुमार/गिरिराज सिंह (File Photo)
नीतीश कुमार/गिरिराज सिंह (File Photo)

बेगूसराय शूटआउट मामले में मरने वाले और घायलों की जाति-धर्म बताने पर सीएम नीतीश कुमार बीजेपी के निशाने पर आ गए हैं. भाजपा ने नीतीश से पूछा है कि क्या जब मुसलमान मरेंगे तब ही उन्हें दर्द होगा?

दरअसल, मंगलवार को बेगूसराय में बछवारा, तेघरा, फुलवरिया और चकिया थाना क्षेत्र में कथित मोटरसाइकिल सवार 4 अपराधियों ने शूटआउट को अंजाम दिया था. घटना में चंदन कुमार नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. वहीं, 9 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

इस घटना को लेकर जब अगले दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल पूछा गया तो उन्होंने घटना वाले इलाके में रहने वाले लोगों की जाति और धर्म बता दिया. उन्होंने पूरी घटना को कहीं ना कहीं साजिश करार दिया था.

नीतीश ने कहा था,'वारदात को अंजाम देने वाले ने जानबूझकर यह काम किया है. एक तरफ जहां पर गड़बड़ी हुई है, वहां सब पिछड़े वर्ग के हैं और एक तरफ जहां हंगामा हुआ है, वहां सब मुस्लिम समुदाय के हैं. हमने अधिकारियों से कहा है कि हर तरीके से इसका पता कीजिए.'

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नीतीश कुमार के मरने वाले और घायलों की जाति-धर्म बताने पर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने उन पर हमला बोला है. गिरिराज ने नीतीश से सवाल किया कि क्या उनको दर्द तभी होगा जब घटना में किसी मुसलमान की मौत होगी?

गिरिराज ने कहा कि जंगलराज में मुसलमानों को गोली मार दी जाए तो नितीश बाबू को दर्द होता है, सत्ता में बैठे धृतराष्ट्र को आम बिहारियों की जान की चिंता नहीं है. 

केंद्री मंत्री ने कहा कि बुधवार को मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा था कि पिछले हफ्ते ही बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर एक पर हाई लेवल मीटिंग हुई और सभी अधिकारियों को कानून व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी बेगूसराय जैसी बड़ी घटना का हो जाना सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े करता है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बेगूसराय घटना को लेकर इसलिए भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि घटना के लगभग 40 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी अब तक अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.

अपराधियों की धरपकड़ के लिए जिला पुलिस के साथ-साथ अब एसटीएफ को भी इस पूरे मामले की जांच सौंपी गई है, लेकिन अब तक उन्हें भी कोई कामयाबी नहीं मिली है. इसी बीच में जिला पुलिस ने चार संदिग्ध अपराधी, जो इस घटना में शामिल हो सकते हैं. उनकी तस्वीर आसपास के जिलों की पुलिस के साथ साझा की है. ताकि उनकी धरपकड़ की जा सके.

बेगूसराय डीआईजी ने अपराधियों को पकड़ने के लिए 50,000 रुपए के इनाम की घोषणा भी की है. डीआईजी सत्यवीर सिंह ने कहा है कि संदिग्ध अपराधियों की गिरफ्तारी करने में जो कोई भी मदद करेगा, उसे सरकार की तरफ से इनाम दिया जाएगा.

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