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पश्चिम बंगाल: स्कूल के पाठ्यक्रम से पार्थ चटर्जी का नाम हटाने की मांग, DYFI ने लगाए पोस्टर

पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा परिषद की आठवीं कक्षा के इतिहास के पाठ्यक्रम में सिंगूर आंदोलन के बारे में एक विशेष अध्याय है. जिसमें सिंगूर आंदोलन के दौरान ममता बनर्जी के कृषि जमीन आंदोलन में योगदान का विशेष उल्लेख है. इसे अध्याय में पार्थ चटर्जी का भी जिक्र है जो फिलहाल भ्रष्टाचार के केस में संलिप्त हैं.

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पार्थ चटर्जी ( फाइल फोटो )
पार्थ चटर्जी ( फाइल फोटो )

पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में ED की रिमांड में मौजूद पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha chatterjee) कोलकाता के प्रेसिडेंसी कनेक्शनल होम में बंद हैं. पार्थ को लेकर डीवाईएफआई ने नई मांग की है. मांग की गई है कि आठवीं कक्षा के इतिहास के पाठ्यक्रम में सिंगूर आंदोलन का जिक्र है जिसमें पार्थ चटर्जी का भी नाम है. पार्थ चटर्जी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, ऐसे में उनके योगदान के इस अध्याय को हटा देना चाहिए. 

पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा परिषद की आठवीं कक्षा के इतिहास के पाठ्यक्रम में सिंगूर आंदोलन के बारे में एक विशेष अध्याय हैं. जिसमें सिंगूर आंदोलन के दौरान उस समय के विरोधी दल नेत्री ममता बनर्जी का कृषि जमीन आंदोलन में योगदान का विशेष उल्लेख है. आठवीं कक्षा के इतिहास के पाठ्यक्रम में सिंगूर आंदोलन के दौरान पार्थ चटर्जी के योगदान का भी जिक्र है.

सीपीएम की युवा संगठन डीवाईएफआई की तरफ से हुगली के चंदननगर नगर निगम की दीवारों पर पार्थ चटर्जी के विरोध में पोस्टरबाजी की गई. संगठन की मांग है कि शिक्षक भर्ती घोटाले में भ्रष्टाचार और कैश कांड के आरोपी राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी जैसे व्यक्ति का नाम आठवीं कक्षा के इतिहास के पाठ्यक्रम से हटा दिया जाए.

हुगली जिला सीपीएम एवं डीवाईएफआई के वरिष्ठ नेता हीरालाल सिंह ने इसे केवल शुरुआत भर बताया है. चंदननगर ही नहीं पूरे राज्य भर में पार्थ चटर्जी के खिलाफ पोस्टरबाजी की जाएगी.

पोस्टरबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए चंदन नगर निगम मेयर एवं वरिष्ठ टीएमसी लीडर राम चक्रवर्ती ने कहा कि - ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी की बंगाल में स्वच्छ छवि वाली सरकार है. दागदार लोगों की पार्टी में कोई जगह नहीं है. पार्थ चटर्जी लगे आरोपों की जांच चल रही है. जांच में दोषी पाए जाने पर पार्थ चटर्जी के खिलाफ पार्टी उचित कार्रवाई करेगी. इस मामले में माकपा यूथ संगठन डीवाईएफआई डीवाईएफआई और भाजपा का अपनी नाक गलाना सही नहीं है.

 

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