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वाराणसी: PM Modi के दौरे से पहले छात्र नेता को किया गया नजरबंद, कांग्रेस ने कहा- शर्मनाक!

पीएम मोदी वाराणसी के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आयोजित एक कार्यक्रम हिस्सा लिया है. इसके अलावा पीएम मोदी ने मिडडे मील रसोई का भी उद्गाटन किया है.

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यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से ये तस्वीर शेयर की गई.
यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से ये तस्वीर शेयर की गई.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कांग्रेस ने लगाया आरोप
  • ट्विटर पर शेयर की तस्वीर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर हैं. इस बीच यूपी कांग्रेस की ओर से एक तस्वीर शेयर कर आरोप लगाया गया है कि बीएचयू में एनएसयूआई के छात्र नेता को उसके हॉस्टल में ही नजरबंद कर दिया गया है. तस्वीर में भी साफ देखा जा सकता है कि एक छात्र और उसके सामने पुलिसकर्मी बैठा हुआ है. 

कांग्रेस की ओर से ट्वीट कर कहा गया, ' बनारस में शिक्षा समागम करने पहुंचे नरेंद्र मोदी शिक्षार्थियों से ही घबरा गए हैं,' उन्हें भय है कि कहीं छात्र बेरोजगारी पर कोई सवाल न पूछ लें. इसलिए इन्होंने आपने आगमन से पहले पुलिस भेजकर एनएसयूआई बीएचयू के अध्यक्ष रोहित को हॉस्टल में नजरंबद कर दिया है. शर्मनाक!'

मिली जानकारी के मुताबिक बीएचयू के राजाराम छात्रावास के कमरा नंबर 101 में एनएसयूआई के अध्यक्ष को पुलिस ने नजरबंद कर रखा था. वाराणसी पुलिस को ऐसी आशंका थी कि एनएसयूआई पीएम मोदी के कार्यक्रम में किसी तरह की गड़बड़ी पैदा कर सकता है. नजरबंद हुए एनएसयूआई बीएचयू के अध्यक्ष रोहित राणा ने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी दी.

मामले की पड़ताल के लिए आजतक की टीम हॉस्टल के रूम पर पहुंची तो वहां तैनात सिपाही अंबुज राय ने बताया कि उनको वरिष्ठ अधिकारियों ने आदेश दिए हैं और वह उसका का पालन कर रहे हैं. ऊपर से मिले आदेश के मुताबिक  रोहित को कहीं जाने नहीं देना है. हालांकि रोहित राणा ने बताया कि उनकी किसी भी तरह की मंशा सड़क पर उतरकर किसी विरोध प्रदर्शन कि नहीं थी.  वह सिर्फ नई शिक्षा नीति के खिलाफ आवाज को सोशल मीडिया के जरिए उठा रहे थे. 

रोहित का दावा है कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के किसी छात्र को हॉस्टल में नजरबंद किया गया.  उन्होंने बताया कि उनकी मंशा सिर्फ शिक्षा हासिल करना है और यह शिक्षा हासिल होगी तो छात्र सवाल भी करेगा नौकरी के लिए. उन्होंने पीएम मोदी से सीधे सवाल किया, 'नई शिक्षा नीति संबंधित दो शब्द हैं 'प्राइवेट इन्वेस्टमेंट' और 'फ्रंट टॉपिकल', इसका मतलब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनको समझा दें सिर्फ. नई शिक्षा नीति के तहत निवेश को विश्वविद्यालयों में बढ़ाने की बात की जा रही है तो क्या यह कोई कम्युडीटी है? तानाशाही के जरिए आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह क्रांति एक दिन की नहीं है'. 

बता दें कि पीएम मोदी ने वाराणसी में आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू करने के मुद्दे पर आयोजित अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन किया है. इस दौरान उन्होंने पुरानी शिक्षा प्रणाली पर चोट करते हुए कहा कि आजादी के पहले सेवकवर्ग तैयार किए जा रहे थे, वो अंग्रेज़ो की शिक्षा पद्धति थी. लेकिन अब जरूरी है कि देश में केवल डिग्रीधारी तैयार न किए जाएं.

नई शिक्षा नीति पर पीएम मोदी ने कहा कि इसका पहला उद्देश्य युवाओं को सोचने के संकुचित तरीके से निकालकर उनको तकनीकी और उन्नत सोच की ओर ले जाना है. पीएम मोदी ने कहा कि विद्या अमरत्व का मार्ग है और काशी मोक्ष की नगरी है.  बनारस शिक्षा का केंद्र था, ज्ञान का केंद्र था, क्योंकि यहां की शिक्षा ज्ञान बहुआयामी था. नए भारत के निर्माण के लिए आधुनिक व्यवस्थाओं का समावेश होना जरूरी है.

इससे पहले पीएम मोदी ने मिडडे मील रसोई का भी उद्घाटन किया है. इसमें एक लाख बच्चों के लिए मिड डे मिल तैयार किया जाएगा. अक्षय पात्र किचन में कई आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं. इस किचन में लगी रोटियां बनाने की मशीन से केवल एक घंटे में 40 हजार रोटियां तैयार हो जाएंगी.  15 हजार वर्ग मीटर में बनाए गए अक्षय पात्र के किचन को बनाने में 24 करोड़ रुपये की लागत आई है. 

किचन में रोटियां बनाने की मशीन है. इसमें ऑटोमेटिक तरीके से आटा भी गूंथा जा सकेगा. इस किचन में कड़ाही सबसे बड़ी मशीन है जो एक बार में 1600 लीटर दाल तैयार करेगी. बता दें कि 8 जुलाई को 25 हजार बच्चों के लिए खाना बनाने से अक्षय पात्र किचन की शुरुआत होगी. 6 महीने बाद एक लाख बच्चों का खाना बनेगा.


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