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राहुल गांधी ने केरल में बोट रेस में हिस्सा लिया, कांग्रेस ने कहा- लहरों से डरकर...

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बोट रेस में हिस्सा लेने का एक वीडियो कांग्रेस ने अपने ट्वीटर हैंडल पर शेयर किया है. इसके कैप्शन में पार्टी ने कवि सोहनलाल द्विवेदी की कविता की लाइनें लिखीं- 'लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.'

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल में बोट रेस में हिस्सा लिया.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल में बोट रेस में हिस्सा लिया.

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा इस समय केरल में है. सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यहां बोट रेस (Boat Race) में हिस्सा लिया. राहुल को अपनी नाव को खेते देखा गया. ये बोट रेस अलाप्पुझा में हुई है, जिसे 'ईस्ट के वेनिस' के रूप में जाना जाता है. केरल के बैकवाटर के इस हब में रोमांचकारी सफर तय करने को मौका मिलता है. इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की और उनसे समस्याएं और अवसरों के बारे में जानकारी ली.

राहुल गांधी के बोट रेस में हिस्सा लेने का एक वीडियो कांग्रेस ने अपने ट्वीटर हैंडल पर शेयर किया है. इसके कैप्शन में पार्टी ने कवि सोहनलाल द्विवेदी की कविता की लाइनें लिखीं- 'लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.'

सुबह मछुआरों के साथ बातचीत की

इससे पहले सुबह एक बैठक में राहुल गांधी ने केरल के अलाप्पुझा में मछुआरों के साथ बातचीत की. राहुल गांधी ने कहा कि मछुआरों से उनके व्यवसाय के बारे में जाना. आज वो जिन मुसीबतों का सामना कर रहे हैं, उनको समझा. उन्होंने बताया कि पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतें और महंगाई ने उनके व्यवसाय पर बहुत बुरा असर डाला है. कमाई ज्यादा हो नहीं रही लेकिन खर्च बहुत बढ़ चुका है. महंगी शिक्षा के चलते वो अपने बच्चों के भविष्य के लिए भी परेशान हैं. भारत जोड़ो यात्रा देश के हर वर्ग, हर व्यक्ति के लिए है। आप और हम संवाद करेंगे, और एक बेहतर कल की ओर कदम बढ़ाएंगे.

वहीं, राहुल गांधी ने फेसबुक पर पोस्ट किया और लिखा- केरल की खूबसूरत जमीन से गुजरना, इसकी समृद्ध विविधताओं को देखना और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं पूर्व सीएम ओमन चांडी के साथ चलना एक सीखने का अनुभव रहा है.

कुट्टनाड में किसानों से मिले और समस्याएं सुनीं

केरल के 'चावल के कटोरे' का एक हिस्सा अलाप्पुझा ने मुझे कुछ नया दिखाया है. कुट्टनाड के किसानों से आज मुलाकात हुई. यहां खेती में एक झलक देखने को मिली. धान की खेती की तकनीक के बारे में जाना. हालांकि, पर्यावरण परिवर्तन और राज्य- केंद्र सरकार का रवैया असंवेदनशील है, इससे किसान प्रभावित हैं. रबर किसानों ने भी आशाओं और अपेक्षाओं के बारे में बात की. 

अब तक 200 किमी पदयात्रा

राहुल ने ये भी बताया कि हमने अब तक इस यात्रा में 200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर ली है. यह लोगों का दर्द है जो मुझे आहत करता है, उनकी आशा जो मुझे मजबूत करती है, और उनका प्यार जो मुझे आगे बढ़ाता है. बता दें कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का सोमवार को 12वां दिन है. 

 

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