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Assam RS Election: कांग्रेस ने असम में RS चुनाव से एक दिन पहले सहयोगी दल से नाता तोड़ा, बताया- धोखेबाज पार्टी

असम (Assam) में पिछले साल प्रदेश कांग्रेस (Congress) ने बदरुद्दीन अजमल (Badruddin Ajmal) के नेतृत्व वाले एआईयूडीएफ (AIUDF) के साथ संबंध तोड़ दिया था. इस साल मार्च में ही बदरुद्दीन ने सोनिया गांधी से मुलाकात कर राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का वादा किया था.

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28 मार्च को ही कांग्रेस ने सभी विपक्षीय दलों के साथ बैठक की थी 28 मार्च को ही कांग्रेस ने सभी विपक्षीय दलों के साथ बैठक की थी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • असम में दो सीटों के लिए 31 मार्च को होना है राज्यसभा चुनाव
  • AIUDF के पांच विधायकों को बीजेपी को बेचने का आरोप

कांग्रेस ने असम की राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव से ठीक एक दिन पहले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) को धोखेबाज पार्टी बताते हुए उससे नाता तोड़ने का फैसला किया है. मालूम हो कि राज्यसभा सीटों के लिए असम में 31 मार्च को चुनाव होना है. कांग्रेस ने मंगलवार देर रात इत्र कारोबारी बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के साथ संबंध समाप्त करने का फैसला किया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एआईयूडीएफ के पांच विधायक बीजेपी को बेच दिए गए हैं, जो बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा नामित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया देशद्रोही

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेन बोरा ने आजतक से खास बातचीत में एआईयूडीएफ को देशद्रोही करार दिया. बोरा ने आरोप लगाया कि अजमल ने अपने पांच विधायकों को अपने व्यापारिक लाभ के लिए भगवा पार्टी को बेच दिया है. बोरा ने एआईयूडीएफ का नाम अगरू इंडस्ट्रीज अलोकतांत्रिक धोखेबाज फ्रंट तक रखा है.

2021 में भी महागठबंधन से कर दिया था बाहर

कांग्रेस ने 30 अगस्त 2021 में भी महागठबंधन से एआईयूडीएफ को बाहर कर दिया था. यह महागठबंधन राज्य में बीजेपी को सत्ता में लौटने से रोकने के लिए असम विधानसभा चुनाव से पहले बनाया गया था.

एक महीने भी नहीं चली कांग्रेस-AIUDF दोस्ती

सभी विपक्षी दलों ने एक सप्ताह पहले ही राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रिपुन बोरा को सर्वसम्मति से सपोर्ट करने के लिए एकजुटता दिखाई थी. दरअसल मार्च की शुरुआत में अजमल ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी से नई दिल्ली में मुलाकात के बाद दोनों पार्टियों ने अपनी दोस्ती को फिर से शुरू किया, जिससे कांग्रेस उम्मीदवार रिपुन बोरा को अपनी पार्टी के समर्थन की घोषणा की थी.


 

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