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...तो जारी रहेगा आंदोलन? किसान मोर्चे ने की 'भविष्य की रणनीति' पर चर्चा

...तो जारी रहेगा आंदोलन? किसान मोर्चे ने की 'भविष्य की रणनीति' पर चर्चा

किसान आंदोलन को काबू करने में जुटी सरकार को कोई खास सफलता नहीं मिल पाई है क्योंकि संसद से भी कृषि कानून रद्द होने के बाद भी किसान आंदोलन रद्द नहीं हुआ है बल्कि अब किसानों की डिमांड और ज्यादा बढ़ गई है. कल मांगों को लेकर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई और ये तय किया है कि आंदोलन तबतक जारी रहेगा. किसानों का कहना है कि किसान आंदोलन में शहीद हुए 700 से ज्यादा किसानों के परिवारों को मुआवजा नहीं मिलता, आंदोलन में शामिल किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस नहीं लिये जातेऔर लखीमपुर खीरी की घटना में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय टेनी पर एक्शन नहीं होता है. इन तीनों मांगों के अलावा MSP की गारंटी के कानून को लेकर भी संयुक्त किसान मोर्चा ने अपना स्टैंड एक बार फिर क्लियर कर दिया है. देखिए ये वीडियो.

The government, which is engaged in controlling the farmers' movement, has not got much success because even after the repeal of the farm law from the Parliament. The farmers' movement has not been ended but now the demand of the farmers increased even more. Yesterday, a meeting of the Samyukt Kisan Morcha was held at the Singhu border of Delhi over the future course of action. In the meeting, it has been decided that the protest will continue until Government addresses farmers' demands including the MSP Guarantee law. Watch this video.

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