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'जब PM मोदी ने फोन पर बोला- आप उप राष्ट्रपति बनने वाले हैं, मेरी आंखों में आंसू थे...', फेयरवेल पर नायडू ने सुनाया किस्सा

एम वेंकैया नायडू ने कहा कि लोकतंत्र में बहुमत हमेशा प्रबल होता है, लेकिन विपक्ष को कहना चाहिए और सरकार को उन्हें आगे आने के लिए अनुमति देनी चाहिए. अंततः बहुमत लोकतंत्र में फैसला करता है. मैं पद्म पुरस्कार के बारे में एक बात से खुश हूं और कैसे सरकार ने गैर-मान्यता प्राप्त लोगों को मान्यता दी.

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उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू का आज संसद में विदाई समारोह आयोजित किया गया.
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू का आज संसद में विदाई समारोह आयोजित किया गया.

राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) को सोमवार को संसद में विदाई दी गई. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने विदाई भाषण दिया और नायडू के कार्यकाल को याद किया. पीएम ने कहा कि ये सदन के लिए बहुत ही भावुक पल हैं. इस सदन को नेतृत्व देने की आपकी जिम्मेदारी भले ही पूरी हो रही हो, लेकिन आपके अनुभवों का लाभ भविष्य में हमें लंबे समय तक मिलता रहेगा. 

विदाई कार्यक्रम में वेंकैया नायडू ने एक किस्सा सुनाया. उन्होंने कहा कि मैंने अपने जीवन में कभी किसी के पैर नहीं छुए हैं. उन्होंने 5 साल पहले पीएम नरेंद्र मोदी के उस फोन कॉल का भी जिक्र किया, जिसमें पार्टी की तरफ से नायडू को उपराष्ट्रपति के लिए चुना गया था. नायडू ने कहा कि जिस दिन पीएम मोदी ने फोन कर बताया कि मुझे उपराष्ट्रपति के लिए चुना जा रहा है, तब मेरी आंखों में आंसू आ गए. ये आंसू सिर्फ इस बात पर आ रहे थे कि मुझे अपनी पार्टी छोड़नी पड़ेगी.

नायडू ने कहा कि लोकतंत्र में बहुमत हमेशा प्रबल होता है, लेकिन विपक्ष को कहना चाहिए और सरकार को उन्हें आगे आने के लिए अनुमति देनी चाहिए. अंततः बहुमत लोकतंत्र में फैसला करता है. मैं पद्म पुरस्कार के बारे में एक बात से खुश हूं और कैसे सरकार ने गैर-मान्यता प्राप्त लोगों को मान्यता दी. राजनीति में कोई शॉर्ट कट नहीं होता. आपमें धैर्य होना चाहिए और मेहनत करनी चाहिए. लोगों के पास जाओ, उन्हें जागरूक करो और दूसरों की सुनो. तुष्टिकरण किसी का नहीं होना चाहिए, सबका सम्मान किया जाना चाहिए.

वेंकैया नायडू ने आगे कहा कि मैंने सदन को बनाए रखने की पूरी कोशिश की. मैंने सभी पक्षों- दक्षिण, उत्तर, पूर्व, पश्चिम, उत्तर-पूर्व को समायोजित करने और अवसर देने का प्रयास किया. आपमें से प्रत्येक को समय दिया है.उन्होंने आगे कहा कि हम, उच्च सदन की बड़ी जिम्मेदारी है. पूरी दुनिया देख रही है. भारत आगे बढ़ रहा है. मैं राज्यसभा सांसदों से शालीनता, गरिमा और मर्यादा बनाए रखने की अपील करता हूं, ताकि सदन की छवि और सम्मान बना रहे.

इससे पहले विदाई कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि  एम वैंकैया नायडू ऐसे उपराष्ट्रपति हैं, जिन्होंने अपनी सभी भूमिकाओं में हमेशा युवाओं के लिए काम किया. सदन में भी युवा सांसदों को आगे बढ़ाया और प्रोतसाहन दिया है. बता दें कि एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है. उपराष्ट्रपति के तौर पर चुने गए जगदीप धनखड़ 11 अगस्त को शपथ लेंगे.

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