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कांग्रेस के बाद अब TMC के मुखपत्र ने जापान के पूर्व PM शिंजो आबे की हत्या को अग्निपथ स्कीम से जोड़ा

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या को टीएमसी के मुखपत्र जागो बांग्ला ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से जोड़ा है. दरअसल, जिस सिरफिरे ने शिंजो की गोली मारकर जान ली है, वह कभी जापान की सेना में शामिल था.

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ममता बनर्जी और शिंजो आबे (फाइल फोटो)
ममता बनर्जी और शिंजो आबे (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 8 जुलाई को हुई थी शिंजो आबे की हत्या
  • गोली लगने के साढ़े पांच घंटे बाद हुई थी मौत

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के बाद दुनियाभर के लोग हैरान हैं. जिस देश में गन कल्चर न के बराबर है, वहां एसी घटना सन्न कर देने वाली है. लेकिन इसे लेकर भारत में राजनीति शुरू हो गई है. दरअसल, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बाद अब तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शिंजो आबे की हत्या को अग्निपथ योजना से जोड़ दिया है.

TMC के मुखपत्र 'जागो बांग्ला' ने में प्रकाशित एक खबर में कहा गया है कि शिंजो आबे की हत्या एक पूर्व जापानी रक्षाकर्मी ने की है, जिसे पेंशन नहीं मिल रही थी. दरअसल, जिस सिरफरे यामागामी ने पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को गोली मारी है, वह जापान मेरिटाइम सेल्‍फ डिफेंस फोर्स (JMSDF) का पूर्व सदस्य है. इस फोर्स का काम जापान के समुद्री तटों की सुरक्षा करना है. शिंजो आबे को शुक्रवार को पश्चिमी जापान में चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारी गई थी. गोली लगने के साढ़े पांच घंटे बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

TMC ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप

वहीं TMC ने जापानी समुद्री आत्मरक्षा बलों की तुलना भारत की केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से की है. इसमें आरोप लगाया गया है कि मोदी सरकार युवाओं को अल्पावधि के लिए सेना में नियुक्त करना चाहती है और उन्हें 4 साल बाद पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति का लाभ दिए बिना ही निकालना चाहती है. टीएमसी के मुखपत्र 'जागो बांग्ला' की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हत्यारे ने अबे को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वह बेरोजगार था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 3 साल की सेवा के बाद यामागामी की नौकरी चली गई थी. वह बेरोजगार था और उसे कोई पेंशन नहीं मिल रही थी.

कांग्रेस और सपा ने भी जोड़ा था कनेक्शन

इससे पहले समाजवादी पार्टी के एक नेता ने इस घटना को अग्निवीर स्कीम से जोड़ते हुए कहा था कि इस हत्या के लिए जिम्मेदार पेंशन न पाने वाला सेना का एक व्यक्ति है. वहीं कांग्रेस के भी एक राष्ट्रीय नेता ने कहा था कि शिंजो आबे को गोली मारने वाला शख्स यामागामी जापान की JMSDF यानी बिना पेंशन वाली सेना में काम कर चुका था. इन प्रतिक्रियाओं पर बीजेपी ने कड़ी नाराजगी जताई थी. 

कब हुई थी शिंजो आबे की हत्या

8 जुलाई को जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे की जापान के नारा शहर में तब हत्या कर दी गई, जब वे एक चौक पर भाषण दे रहे थे. तभी हत्यारे ने उनपर दो गोलियां मारी. शिंजो आबे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की लेकिन शिंजो आबे को बचाया नहीं जा सका.

जापान के आत्मरक्षा बल


जापानी आत्मरक्षा बल में जापान ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स, जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स और जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स शामिल हैं. जापानी रक्षा बलों के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त भुगतान किया जाता है, लेकिन उनके लिए कोई नियमित पेंशन योजना नहीं है.
 

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