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'रोहिंग्या को EWS फ्लैट' पर केंद्र की फिर सफाई, गृह राज्य मंत्री ने मनीष सिसोदिया को लिखी चिट्ठी

गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि दिल्ली में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए आवास बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया. 17 अगस्त को जैसे ही गृह मंत्रालय को मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि रोहिंग्या शरणार्थियों को EWS फ्लैट दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, तुरंत दिल्ली सरकार को सूचित किया गया कि ऐसे लोगों को भारत सरकार के नियमों के मुताबिक अभी निवास नहीं दिया जा सकता है.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

रोहिंग्या विवाद को लेकर गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पत्र लिखा है. मिश्रा ने पत्र में कहा है कि गृह मंत्रालय ने कभी भी रोहिंग्याओं को EWS फ्लैट्स में स्थानांतरित करने का निर्देश या मंजूरी नहीं दी. उन्होंने दिल्ली सरकार से गृह मंत्रालय का सहयोग करने के लिए कहा है.

MoS ने दिल्ली सरकार से उस क्षेत्र को डिटेंशन सेंटर घोषित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है, जहां शरणार्थी रह रहे हैं. चिट्ठी में दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय के बीच 29 जुलाई को हुई बैठक का भी जिक्र है. चिट्ठी में कहा गया है कि इस बैठक में गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया था कि बिना उचित दस्तावेज के भारत में रह रहे शरणार्थी अवैध निवासी हैं.

गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि दिल्ली में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए आवास बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया. 17 अगस्त को जैसे ही गृह मंत्रालय को मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि रोहिंग्या शरणार्थियों को EWS फ्लैट दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, तुरंत दिल्ली सरकार को सूचित किया गया कि ऐसे लोगों को भारत सरकार के नियमों के मुताबिक अभी निवास नहीं दिया जा सकता है.

चिट्ठी के मुताबिक दिल्ली सरकार ने ही गृह मंत्रालय के साथ अलग-अलग बैठकों में प्रस्ताव दिया था कि बकरवाला इलाके में डिटेंशन सेंटर बनाया जाए, लेकिन 29 जुलाई को अचानक अवैध रोहिंग्या को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया.

पत्र में यह भी कहा गया है कि गृह मंत्रालय समय-समय पर देश के अलग-अलग इलाकों में रह रहे रोहिंग्या के बारे में जानकारी देने के लिए संबंधित सरकारों को निर्देश देता रहता है, ताकि उनकी रिपोर्ट तैया की जा सके. इसी सिलसिले के तहत 17 अगस्त को भी भारत सरकार ने दिल्ली सरकार को चिट्ठी लिखी थी.

चिट्ठी में दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि मदनपुर खादर से बक्करवाला ईडब्ल्यूएस फ्लैट में रोहिंग्या शरणार्थियों को स्थानांतरित करने का फैसला दिल्ली सरकार का ही था. केंद्र ने कहा है कि अवैध रूप से दिल्ली रह रहे रोहिंग्या पर दिल्ली सरकार कानून के मुताबिक कार्रवाई करे. भारत सरकार इसमें उनका सहयोग करेगी.

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