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PM मोदी ने वेंकैया नायडू को लिखी चिट्ठी, आचार्य विनोबा भावे से की तुलना

पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनकी विदाई पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 पेज की एक मार्मिक चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने वेंकैया नायडू के साथ के अपने अनुभवों को लेकर बात तो की ही है, वहीं उनके व्यक्तित्व के कुछ खास पहलुओं पर भी बात की है. इस चिट्ठी में उन्होंने नायडू की तुलना आचार्य विनोबा भावे से की है.

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पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (फाइल फोटो)
पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नायडू के 'वन-लाइनर्स' के फैन मोदी
  • युवाओं, महिलाओं को दिया ज्यादा मौका

बीजेपी के मजबूत स्तूनों में से एक वेंकैया नायडू ने सक्रिय राजनीति की लंबी पारी खेलने के बाद 5 साल पहले देश के उपराष्ट्रपति का पद संभाला. अब उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है और जगदीप धनखड़ ने देश के नए उपराष्ट्रपति पद की शपथ ले ली है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को एक चिट्ठी लिखी है. तीन पेज के इस पत्र में उन्होंने वेंकैया नायडू के साथ अपने अनुभव, उनके व्यक्तित्व से मिलने वाली सीख और कई अन्य पहलुओं पर बात की है. इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी इस चिट्ठी में वेंकैया नायडू की तुलना आचार्य विनोबा भावे से भी है.

पीएम मोदी ने अपने पत्र की शुरुआत में वेंकैया नायडू को जहां 'रक्षाबंधन' की बधाई दी है. वहीं नायडू की नेल्लोर में जन्म से लेकर उपराष्ट्रपति तक की यात्रा को प्रेरणादायी बताया है.

नायडू के 'वन-लाइनर्स' के फैन मोदी

पीएम मोदी ने लिखा है कि विचारधारा के प्रति आस्था और प्रतिबद्धता की शक्ति ने आपको ऐसी पार्टी के साथ जोड़ा जिसकी आपके राज्य में बहुत कम मौजूदगी रही. आपकी ऊर्जा प्रभाव छोड़ने वाली है ओर इसे आपकी हाजिरजवाबी और ज्ञान में देखा जा सकता है. आपके 'वन-लाइनर्स' की खूब प्रशंसा होती है.

वाकपटुता आचार्य विनोबा भावे जैसी

पीएम मोदी ने लिखा कि 'वाकपटुता' आपकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है. आचार्य विनोबा भावे जी की लेखनी ने हमेशा उन्हें (मोदी) प्रभावित किया है. उन्हें कम और सटीक शब्दों में अपनी बात कहना आता था और मैं जब भी आपको सुनता हूं तो वहीं ब्रिलिएंसी नजर आती है.

युवाओं, महिलाओं को दिया ज्यादा मौका

वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति के साथ-साथ राज्यसभा के सभापति के तौर पर काम करने की भी पीएम मोदी ने अपने पत्र में तारीफ की है. मोदी ने लिखा-आपके कार्यकाल में महिलाओं, पहली बार सदन पहुंचने वाले नेताओं और युवा सदस्यों को बेहतर तरीके से अपनी बात रखने का ज्यादा अवसर मिला.
 
मोदी ने कहा-आपके सभापति रहते राज्यसभा की उत्पादकता में रिकॉर्ड बढ़त देखी गई. मुझे पूरा यकीन है कि अनुच्छेद-370 और 35(A) से जुड़ा विधेयक पहले राज्यसभा में रखा गया. इससे आपको बेहद गर्व महसूस हुआ होगा. आप हमेशा संसदीय अनुशासन और परंपराओं पर डटे रहे. सदन की कार्यवाही जब-जब बाधित होती, उसका दर्द आपकी आवाज में झलकता. 

मुझे भरोसा है कि आप आने वाले सालों में सक्रिय बने रहेंगे. हम विधिनिर्माताओं के लिए आपका ज्ञान आने वाले सालों में भी संपत्ति की तरह काम करेगा.

 

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