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उद्धव गुट के विधायकों को अयोग्य घोषित करने का नोटिस, मगर आदित्य ठाकरे का नाम नहीं

उद्धव गुट के सचेतक सुनील प्रभु ने भी शिंदे गुट को अयोग्य घोषित करने का प्रस्ताव भेजा था. उन्होंने रविवार को शिवसेना के विधानसभा अध्यक्ष के उम्मीदवार के खिलाफ वोटिंग करने का आरोप लगाया था.

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एकनाथ शिंदे गुट ने व्हिप का उल्लंघन करने पर नोटिस दिया है.
एकनाथ शिंदे गुट ने व्हिप का उल्लंघन करने पर नोटिस दिया है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मुख्य सचेतक ने व्हिप उल्लंघन पर दिया नोटिस
  • शिंदे गुट ने आदित्य को नोटिस ना देने का कारण बताया

महाराष्ट्र की राजनीति में नाटकीय मोड़ आने का सिलसिला थम नहीं रहा है. शिवसेना के नए चीफ व्हिप (मुख्य सचेतक) भरत गोगावले ने सोमवार को फ्लोर टेस्ट के बाद उद्धव गुट पर कार्रवाई का मन बना लिया है. शिंदे गुट ने उद्धव गुट के 14 विधायकों को अयोग्य घोषित करने का नोटिस जारी किया है. चीफ व्हिप गोगावले ने बताया कि हमने हमारे व्हिप की अवहेलना करने वाले सभी विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए नोटिस दिया है. हालांकि, बालासाहेब ठाकरे के प्रति अपना सम्मान दिखाते हुए उनका (आदित्य ठाकरे का) नाम नहीं दिया है.

गोगावले ने आगे कहा कि उनके (आदित्य ठाकरे) बारे में (अयोग्यता के लिए) अब मुख्यमंत्री फैसला लेंगे. बता दें कि आज विधानसभा में शिंदे सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास किया है. इसमें शिंदे गुट और उद्धव गुट की ओर से विधायकों को व्हिप जारी किया गया था. फ्लोर टेस्ट में शिंदे सरकार को 164 वोट मिले. जबकि विपक्ष को 99 वोट मिल सके. 

शिंदे के खिलाफ वोटिंग करने पर 14 विधायकों को नोटिस

सीएम शिंदे ने दोपहर में ही साफ कर दिया था व्हिप का उल्लंघन करने वाले विधायकों के खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि फ्लोर टेस्ट में उद्धव गुट के 14 विधायकों ने शिंदे के खिलाफ वोटिंग की है. इनमें उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे नाम भी शामिल है. 

दोनों पक्षों ने की शिकायत, जांच की जाएगी

बताते चलें कि उद्धव गुट के सचेतक सुनील प्रभु ने भी शिंदे गुट को अयोग्य घोषित करने का प्रस्ताव भेजा था. उन्होंने रविवार को शिवसेना के विधानसभा अध्यक्ष के उम्मीदवार के खिलाफ वोटिंग करने का आरोप लगाया था. विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय ने पुष्टि की कि उन्हें दोनों पक्षों से शिकायतें मिली हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की है. इन शिकायतों की जांच के लिए थोड़ा समय लग सकता है.

एक दिन पहले भी व्हिप जारी हुआ था

एक दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष के लिए वोटिंग हुई थी. उद्धव ठाकरे गुट के विधायक सुनील प्रभु ने MVA के उम्मीदवार राजन साल्वी को वोट देने के लिए व्हिप जारी किया था. सदन के पटल पर ठाकरे गुट के विधायकों ने नार्वेकर को वोट नहीं दिया था. ऐसे में शिंदे गुट द्वारा नियुक्त व्हिप भरत गोगावाले की शिकायत पर इन विधायकों को नोटिस जारी किया जा सकता है. माना जा रहा था कि अगर उद्धव गुट के विधायक सोमवार को बहुमत परीक्षण के लिए शिंदे के पक्ष में मतदान नहीं करते हैं तो नोटिस देने के बाद अयोग्यता की कार्रवाई शुरू की जा सकती है.

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