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पंजाब में अग्निपथ योजना में भर्ती के लिए नहीं मिल रहा सेना को स्थानीय सपोर्ट? प्रशासन ने दी ये सफाई

सेना ने पंजाब सरकार से कहा है कि उसे अग्निपथ योजना के तहत भर्ती रैली के लिए स्थानीय प्रशासन का समर्थन नहीं मिल रहा है. जालंधर में सेना के जोनल भर्ती अधिकारी ने पंजाब सरकार से कहा था कि स्थानीय नागरिक प्रशासन का समर्थन न मिलने की वजह से अग्निपथ योजना के तहत भर्ती रैलियों को स्थगित या स्थानांतरित कर सकते हैं.

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फाइल फोटो
फाइल फोटो

अग्निपथ भर्ती योजना को लेकर सेना को स्थानीय प्रशासन का समर्थन न मिलने से जुड़ीं मीडिया रिपोर्ट पर अब पंजाब सरकार की ओर से बयान सामने आया है. जालंधर के पुलिस कमिश्नर गुरशरण सिंह संधू ने कहा कि हम सेना का पूरा सहयोग कर रहे हैं. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि भर्ती रैली के लिए अभी कोई तारीख सामने नहीं आई है. हालांकि, हमारे बीच (सेना और प्रशासन) अच्छा तालमेल है और जब से सुरक्षा की मांग की जाएगी, हम सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराएंगे. वहीं, जालंधर के डीसी जसप्रीत सिंह ने कहा कि जहां भी प्रशासन की सहायता की जरूरत होगी, हम सहयोग करेंगे. 

दरअसल, सेना ने पंजाब सरकार से कहा है कि उसे अग्निपथ योजना के तहत भर्ती रैली के लिए स्थानीय प्रशासन का समर्थन नहीं मिल रहा है. इतना ही नहीं रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि जालंधर में सेना के जोनल भर्ती अधिकारी ने पंजाब सरकार से कहा था कि स्थानीय नागरिक प्रशासन का समर्थन न मिलने की वजह से अग्निपथ योजना के तहत भर्ती रैलियों को या तो स्थगित किया जा सकता है या अन्य पड़ोसी राज्यों में स्थानांतरित किया जा सकता है. 

जालंधर जोनल भर्ती अधिकारी ने लिखा सरकार को पत्र

जालंधर जोनल भर्ती अधिकारी मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह ने 8 सितंबर को पंजाब के मुख्य सचिव प्रमुख सचिव रोजगार, कौशल विकास और प्रशिक्षण कुमार राहुल को लिखे पत्र में कहा, हम आपके ध्यान में ये लाने के लिए विवश हैं कि बिना किसी स्पष्ट प्रतिबद्धता के स्थानीय नागरिक प्रशासन का समर्थन कम हो रहा है. स्थानीय प्रशासन के अधिकारी आमतौर पर सरकार के निर्देशों की कमी या धन की कमी की वजह से समर्थन में अपर्याप्तता का हवाला दे रहे हैं. 

सेना ने पत्र में रखी ये मांगे

पत्र में कहा गया है कि कुछ अपरिहार्य आवश्यकताएं हैं, जिन्हें स्थानीय प्रशासन को भर्ती रैलियों को आयोजित करने के लिए प्रदान किया जाना चाहिए. इसमें कानून और व्यवस्था के लिए पुलिस सहायता, भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक बैरिकेडिंग शामिल हैं, ताकि उम्मीदवार आसानी से आ सकें. पत्र में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा भर्ती के दौरान मेडिकल ऑफिसर, उनकी टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था करने की जरूरत है. इसके अलावा प्रशासन को किसी खास स्थल पर रैली करने वाले 14 दिनों के लिए प्रतिदिन 3,000 से 4,000 उम्मीदवारों के लिए रेन शेल्टर, पानी, मोबाइल शौचालय और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करनी चाहिए. 

पत्र में चेतावनी देते हुए कहा गया है कि जब तक इन व्यवस्थाओं को करने के लिए स्पष्ट प्रतिबद्धता" नहीं दिखती, हम राज्य में सभी भर्ती रैलियों और प्रक्रियाओं को रोकने के लिए सेना मुख्यालय के सामने मामला उठाएंगे. या पड़ोसी राज्यों में वैकल्पिक रूप से रैलियां आयोजित करने के लिए कहेंगे. पंजाब के लुधियाना में अगस्त में भर्ती रैलियों का आयोजन किया गया था, गुरदासपुर में 1-14 सितंबर तक रैली चल रही है. वहीं, 17 से 30 सितंबर तक पटियाला में आयोजित होने वाली है. 

 

 

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