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दिल्ली में मंकीपॉक्स का एक और केस, नाइजीरियन महिला संक्रमित; देश में अब तक 13 मामले

दिल्ली में मंकीपॉक्स (monkeypox) का एक और केस मिला है. राजधानी में नाइजीरिया की एक महिला संक्रमित पाई गई है. महिला को LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अब तक देश में मंकीपॉक्स के 13 केस मिल चुके हैं.

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दिल्ली में मंकीपॉक्स का एक और केस मिला
दिल्ली में मंकीपॉक्स का एक और केस मिला

दिल्ली में मंकीपॉक्स (monkeypox) का एक और केस मिला है. राजधानी में नाइजीरिया की एक महिला संक्रमित पाई गई है. महिला को LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अब तक देश में मंकीपॉक्स के 13 केस मिल चुके हैं. इसके अलावा एक और संदिग्ध मरीज को दिल्ली सरकार के LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

WHO के मुताबिक, 1 जनवरी 2022 से 14 सितंबर तक दुनियाभर के 103 देशों में मंकीपॉक्स के मामले मिल चुके हैं. इतना ही नहीं अब तक 59,147 केस मिल चुके हैं. वहीं, इससे अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है. 

पिछले हफ्ते (05 - 11 सितंबर) की बात करें, तो दुनियाभर में मंकीपॉक्स के 4,863 केस मिले थे. जबकि 29 अगस्त से - 04 सितंबर तक 5,026 केस मिले थे. इन केसों में सबसे ज्यादा 75.4% केस अफ्रीकी देशों में मिले हैं. जबकि यूरोप में 23.6% केस मिले हैं. 

यूके में मंकीपॉक्स का नया स्ट्रेन मिला

ब्रिटेन में हाल ही में मंकीपॉक्स का नया स्ट्रेन मिला है. ब्रिटिश स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दक्षिण अफ्रीका से आया एक शख्स मंकीपॉक्स संक्रमित मिला है. जीनोम सीक्वेंसिंग में पता चला है कि व्यक्ति में मंकीपॉक्स का मौजूदा वेरिएंट नहीं पाया गया है. इसके बाद मरीज को रॉयल लिवरपूल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है. 

कहां कितने केस?

मंकीपॉक्स से सबसे ज्यादा संक्रमित देशों की बात करें तो अमेरिका में 21,834, स्पेन में 6,947, ब्राजील में 6,129, फ्रांस में 3,833, यूके में 3,552, जर्मनी में 3,551, पेरू में 1964, कनाडा में 1321, कोलंबिया में 1260 केस, नीदरलैंड में 1,195 केस मिले हैं. 

क्या है मंकीपॉक्स? 

- अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) के मुताबिक, पहली बार ये बीमारी 1958 में सामने आई थी. तब रिसर्च के लिए रखे गए बंदरों में ये संक्रमण मिला था. इसलिए इसका नाम मंकीपॉक्स रखा गया है. इन बंदरों में चेचक जैसी बीमारी के लक्षण दिखे थे.

 - सीडीसी के मुताबिक, मंकीपॉक्स एक दुर्लभ बीमारी है, जो मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण से होती है. ये वायरस उसी वैरियोला वायरस फैमिली (Variola Virus) का हिस्सा है, जिससे चेचक होता है. मंकीपॉक्स के लक्षण चेचक जैसे ही होते हैं. बेहद कम मामलों में मंकीपॉक्स घातक साबित होता है.

- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, इंसानों में मंकीपॉक्स का पहला मामला 1970 में सामने आया था. तब कॉन्गो के रहने वाले एक 9 महीने के बच्चे में ये संक्रमण मिला था. 1970 के बाद 11 अफ्रीकी देशों में इंसानों के मंकीपॉक्स से संक्रमित होने के मामले सामने आए थे.

 

 

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