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मंगलुरु ऑटो ब्लास्ट: ग्रैफिटी केस में भी गिरफ्तार हुआ था शारिक, लिखे थे भड़काऊ नारे

बीते शनिवार को मंगलुरु में एक चलती ऑटो में ब्लास्ट हुआ था. इसके बाद ऑटो में आग लग गई थी. इस घटना में ऑटो का ड्राइवर और शाकिर दोनों जल गए थे. पुलिस का कहना है कि शारिक और उसके सहयोगी इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रभावित थे और वे आईएसआईएस के एजेंडे के अनुसार आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे.

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मोहम्मद शारिक
मोहम्मद शारिक

कर्नाटक के मंगलुरु ऑटोरिक्शा ब्लास्ट केस की जांच में जुटी पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद शारिक को लेकर नए खुलासे किए हैं. पुलिस का कहना है कि वह पहली बार मंगलुरु ग्रैफिटी केस में पुलिस की रडार पर आया था.

क्या है मंगलुरु ग्रैफिटी केस?

मोहम्मद शारिक नवंबर 2020 में मंगलुरु में आतंकवाद समर्थित ग्रैफिटी केस में भी शामिल था. उस समय मंगलुरु ईस्ट पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र की एक दीवार पर ग्रैफिटी की गई थी. इस ग्रैफिटी के जरिए यह चेतावनी दी गई थी कि लश्कर और तालिबान के आतंकी संघी और मनुवादियों को सबक सिखाने के लिए आने वाले हैं. दीवार पर 'लश्कर जिंदाबाद' और 'गुस्ताख ए रसूल की एक ही सजा सिर तन से जुदा' लिखा गया था. 

इस मामले में पुलिस ने मुहम्मद शारिक, माज मुनीर और सादत हुसैन को गिरफ्तार किया था. मामले में पूछताछ के दौरान पता चला कि एक अन्य शख्स अराफात अली ने उन्हें ग्रैफिटी के लिए उकसाया था. 

बता दें कि अराफात भी तीर्थहल्ली का रहने वाला था. बाद में इन तीनों को कर्नाटक हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी लेकिन यह मामला अभी भी लंबित है.

शिवमोग्गा में अल हिंद मॉड्यूल

शिवमोग्गा में 15 अगस्त को सावरकर के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया था. इस दौरान जाबी ने प्रेम सिंह नाम के एक शख्स पर चाकू से हमला कर दिया था. पुलिस ने जब इस मामले में जाबी से पूछताछ की तो उसने बताया कि शारिक ने उसे कट्टरपंथी बनाया था. उसने यह भी स्वीकार किया कि हैदराबाद ब्लास्ट के आरोपी अफसार पाशा के जरिए उसकी शरिक से मुलाकात हुई थी. चाकूबाजी के इस मामले से पहले जाबी चोरी के एक मामले में जेल गया था. 

बाद में जाबी को शिवमोग्गा की जेल से बेलगावी की जेल में शिफ्ट कर दिया गया. जेल में जाबी की मुलाकात अफसार पाशा से हुई. पाशा ने जाबी की मुलाकात शारिक से कराई. इसके बाद शारिक और जाबी दोस्त बन गए और शारिक ने जाबी को कट्टरपंथी बनाने के लिए उसे हर तरह के वीडियो भजेने शुरू कर दिए.

जाबी ने यह भी स्वीकार किया कि शारिक अपने दो दस्तों के साथ तीर्थहल्ली में घर पर ही बम बनाने में शामिल था. बाद में शिवमोग्गा की पुलिस ने एक कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया.

बता दें कि बीते शनिवार को मंगलुरु में एक चलती ऑटो में ब्लास्ट हुआ था. इसके बाद ऑटो में आग लग गई और पूरे ऑटो में धुआं भर गया. घटना में ऑटो का ड्राइवर और शारिक दोनों ही जल गए हैं. पुलिस ने कहा कि इस मामले का मुख्य आरोपी ऑटो में सवार यात्री है, वह प्रेशर कुकर ले जा रहा था, जिसमें विस्फोट हो गया. वह घायल है और अस्पताल में इलाज करा रहा है, इस यात्री के पास जो आधार कार्ड था, वह फर्जी है और इसमें किसी प्रेम राज नाम के एक व्यक्ति का विवरण है.

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