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जर्मनी में भगवंत मान को प्लेन से उतारा गया था या नहीं? अब आया केंद्र का रिएक्शन

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को जर्मनी में विमान से कथित तौर पर उतारे जाने के आरोपों को लेकर बवाल मचा हुआ है. जहां बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस समेत तमाम पार्टियां इस मामले में आप संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से स्पष्टीकरण मांग रही हैं. वहीं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले में जांच के संकेत दिए हैं.

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को जर्मनी में विमान से कथित तौर पर उतारे जाने के आरोपों को लेकर बवाल मचा हुआ है. जहां बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस समेत तमाम पार्टियां इस मामले में आप संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से स्पष्टीकरण मांग रही हैं. वहीं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले में जांच के संकेत दिए हैं. 

भगवंत मान मामले में जांच की मांग से जुड़े सवाल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ''यह घटना जर्मनी में घटी थी, इसलिए हमें पहले तथ्यों की जांच करनी होगी. मुझे भेजी गईं अपीलों के आधार पर मैं निश्चित रूप से इस पर गौर करूंगा'

 


दरअसल, भगवंत मान हाल ही में जर्मनी गए थे. उन्हें 17 सितंबर को भारत लौटना था. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक यात्री के हवाले से दावा किया गया है कि पंजाब के सीएम भगवंत मान को लुफ्थांसा एयरलाइंस से उतार दिया गया था. एयरलाइंस ने ये कदम इसलिए उठाया क्यों कि सीएम मान ने इतनी शराब पी रखी थी कि वे खड़े भी नहीं हो पा रहे थे.

विपक्ष के निशाने पर आए भगवंत मान

शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर बादल ने इसे लेकर भगवंत मान पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि यात्रियों के हवाले से चौंकाने वाली मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई है कि पंजाब के सीएम भगवंत मान को लुफ्थांसा एयरलाइंस से उतार दिया गया था, क्योंकि उन्होंने बहुत अधिक शराब पी रखी थी. इसके चलते फ्लाइट चार घंटे लेट हो गई. उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट पंजाबियों को दुनियाभर में शर्मिंदा करने वाली है.

सुखबीर बादल ने आगे लिखा, चौंकाने वाली बात ये है कि पंजाब की सरकार मुख्यमंत्री को लेकर इस तरह की रिपोर्ट पर शांत है. इस मामले में अरविंद केजरीवाल को सफाई देनी चाहिए. भारत सरकार को कदम उठाना चाहिए क्योंकि इसमें पंजाबी और राष्ट्रीय गौरव शामिल है. यदि उन्हें विमान से उतारा गया था, तो भारत सरकार को अपने जर्मन समकक्ष के साथ इस मुद्दे को उठाना चाहिए. उधर, ब्रिकम सिंह मजीठिया ने भी इस मामले में भगवंत मान पर तंज कसा है. 

कांग्रेस ने की जांच की मांग

विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इन रिपोर्टों पर जांच की मांग की. बाजवा ने कहा कि वे नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने इस मुद्दे को उठाकर जांच की मांग करेंगे. उधर, बीजेपी ने भी इस मामले में आप सरकार पर निशाना साधा था. 

आप ने रिपोर्ट्स को बताया निराधार

आप प्रवक्ता मलविंदर सिंह कांग ने इंडिया टुडे से बातचीत में इन आरोपों पर सफाई दी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने तय शैड्यूल के मुताबिक दिल्ली लौट आए हैं, ये आरोप निराधार हैं. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मान ने 18 सितंबर को जर्मनी से फ्लाइट ली थी. वे दिल्ली 19 सितंबर को लौटे. विपक्ष द्वारा लगाए जा आरोप निराधार और गलत प्रोपेगेंडा वाले हैं. 

एयरलाइंस ने माना- लेट हुई थी फ्लाइट

आज तक ने जब लुफ्थांसा एयरलाइंस से संपर्क किया, तो बताया गया कि फ्रैंकफर्ट से दिल्ली की उड़ान में इंबाउंड फ्लाइट और विमान परिवर्तन की वजह से देरी हुई. हालांकि, कंपनी ने डाटा प्रोटेक्शन का हवाला देते हुए कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दिया. 

 

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