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India today conclave 2021: मुझे नहीं लगता कि बुरा दौर खत्म हो गया, अभी कई और वैरिएंट आएंगे- डॉ. लिपकिन

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2021 के दूसरे दिन वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर इयान लिपकिन ने कहा कि दुनिया के 90 प्रतिशत लोगों को वैक्सीनेशन की जरूरत होगी, और इस बीच हमें अभी भी सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और मास्क पहनने की जरूरत है.

विश्व प्रसिद्ध वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर इयान लिपकिन (ITGD) विश्व प्रसिद्ध वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर इयान लिपकिन (ITGD)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'भविष्य की महामारी को रोकने के महत्व के बारे में सोचना होगा'
  • 'अभी भी सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, मास्क पहनने की जरूरत'
  • मैं सबसे ज्यादा एक नए इन्फ्लूएंजा वायरस से चिंतितः लिपकिन

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2021 के दूसरे दिन वायरस ओरेकलः कन्टैजन कन्टैनमेंट एंड  द नेकस्ट क्राइसिस सेशन में विश्व प्रसिद्ध वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर इयान लिपकिन ने कहा कि कोविड-19 का कहर अभी खत्म नहीं हुआ है. इसके अभी कई और वैरिएंट हो सकते हैं, जो पहले से ही दिखाई दे रहे हैं.

कॉन्क्लेव में डॉक्टर लिपकिन ने कहा, "कोविड-19 ने पहली बार उभरने के बाद से हमें चौंका दिया है. मुझे उम्मीद है कि यह खत्म हो गया है, लेकिन बड़े विश्वास के साथ नहीं कह सकता, यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम कैसा रिस्पॉन्ड करते हैं."

साथ ही उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कोविड एक उभरती हुई चुनौती है, जहां लोगों में हल्के लक्षण होते हैं, लेकिन संज्ञानात्मक शिथिलता (cognitive dysfunction), सांस की तकलीफ (shortness of breath), लंबे समय तक थकान (fatigue for a long time) और यहां तक ​​​​कि अगर वायरस गायब हो जाता है, तो भी वे संक्रमित बने रह सकते हैं. यह एक जटिल तस्वीर है और हमें एक्यूट बीमारी और भविष्य की महामारी को रोकने के महत्व के बारे में सोचना होगा.

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2021 में वैक्सीनेशन की गंभीरता के बारे में बात करते हुए, वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर लिपकिन ने कहा कि भारत वैक्सीन के निर्माण की अपनी क्षमता के साथ दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है.

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'90 फीसदी लोगों को वैक्सीनेशन की दरकार'

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अब से 12 महीनों में, हम एक बेहतर जगह पर होंगे और लोग आगे आएंगे और सभी के लिए वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने में WHO और GAVI का समर्थन करेंगे." उन्होंने कहा कि दुनिया के 90 प्रतिशत लोगों को वैक्सीनेशन की जरूरत होगी, और इस बीच हमें अभी भी सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और मास्क पहनने की जरूरत है.

अगले संभावित प्रकोप के बारे में बात करते हुए, डॉक्टर इयान लिपकिन ने कहा, "जिस चीज के बारे में मैं सबसे ज्यादा चिंतित हूं वह एक नया इन्फ्लूएंजा वायरस है, जो लगातार विकसित हो रहा है. संभव है कि यह हमें एक बार फिर चुनौती दे सके. मैं अभी भी फ्लू और अन्य के बारे में चिंतित हूं. ये हमारे रडार पर होनी चाहिए. इसे रोकना सस्ता है, हमने आर्थिक बोझ के 0.001 प्रतिशत की लागत के साथ एक निगरानी प्रणाली तैयार की है, और हमें यह करना चाहिए, मैं इसके लिए एक लंबे समय प्रचार कर रहा हूं."

इस बीच, स्कूलों के फिर से खुलने के सवालों पर उन्होंने कहा कि पूरी तरह से वैक्सीनेटेड भारतीय आबादी का प्रतिशत बहुत कम है, जो कि 20 प्रतिशत से भी कम है, जबकि 30 प्रतिशत आबादी 18 साल से कम है और वैक्सीनेशन के योग्य नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत के पास स्कूल खोलने के लिए वह पूरी तरह से सुरक्षा कवच नहीं है और अमेरिका की तरह राजनीतिक रूप से यह कठिन निर्णय है, जहां दक्षिणी राज्यों में वैक्सीनेशन की दर कम है. हम जो पुराना बोझ देखते हैं वह असाधारण है."

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हम वायरस के खिलाफ लड़ाई में आधे रास्ते से बेहतर हैं और मुझे उम्मीद है कि लोग GAP (Global Alliance in preventing Pandemic) के वैश्विक गठबंधन में हमारे साथ भागीदारी करेंगे.'

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