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LAC के बाद LoC पर शांति की पहल, भारत-PAK के DGMO ने की बात, जारी किया साझा बयान

दोनों पक्षों ने नियंत्रण रेखा (Line of Control) और अन्य सभी क्षेत्रो में स्वतंत्र, स्पष्ट और सौहार्दपूर्ण वातावरण की समीक्षा की. दोनों DGMO सीमाओं के साथ पारस्परिक रूप से स्थायी शांति कायम करने को लेकर सहमत हुए हैं. 

LoC पर तैनात जवान LoC पर तैनात जवान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • LAC के बाद LoC पर शांति की पहल
  • भारत-PAK के DGMO ने की बात
  • दोनों पक्षों ने जारी किया साझा बयान

भारत और पाकिस्तान के मिलिट्री ऑपरेशन्स के डायरेक्टर जनरलों (DGMO) ने हॉटलाइन के जरिए एक दूसरे से बातचीत की. दोनों पक्षों में सीमा पर शांति बनाए रखने को लेकर सहमति बनी है. नियंत्रण रेखा पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा करते हुए, दोनों ओर की सेनाओं ने सभी समझौतों, युद्धविराम का कड़ाई से पालन के लिए सहमति व्यक्त की. ये 24-25 फरवरी की मध्यरात्रि से प्रभावी है. इस तरह LAC के बाद LoC पर शांति की पहल हो रही है.

पाक के साथ क्या बनी सहमति?

भारत और पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (Line of Control) और अन्य सभी क्षेत्रो में स्वतंत्र, स्पष्ट और सौहार्दपूर्ण वातावरण की समीक्षा की. दोनों ओर के DGMO सीमाओं के साथ पारस्परिक रूप से स्थायी शांति कायम करने को लेकर सहमत हुए हैं. दोनों पक्षों ने नियंत्रण रेखा को लेकर किए गए सभी समझौतों, संघर्ष विराम आदि का कड़ाई से पालन करने पर सहमति जताई. इसके अलावा दोनों तरफ के DGMO ने इस बात को दोहराया कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति या गलतफहमी को हल करने के लिए हॉटलाइन पर बात और बॉर्डर फ्लैग मीटिंग के मौजूदा तंत्र का उपयोग किया जाएगा. इस बाबत दोनों पक्षों ने साझा बयान जारी किया है. 

चीन से पेंगोंग पर हुआ था समझौता

हाल ही में भारत और चीन ने एलएसी पर पेंगोंग लेक के फिंगर एरिया में शांति के लिए समझौता किया था. उसके बाद चीन की सेनाओं पिछले साल की स्थिति में लौट गई थीं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में इस समझौते का ऐलान किया था और कहा था कि दुनिया जान चुकी है कि हथियार की भाषा अब नहीं चलेगी.

पेंगोंग और रिचीन ला से वापस हुईं सेनाएं

पेंगोंग में समझौते के बाद रिचीन ला और बाकी पोस्ट्स को लेकर भी भारत और चीन के सैन्य कमांडर्स के बीच बातचीत हो रही है ताकि सेनाओं को पिछले साल के हालात में लौटाया जा सके और तनाव को कम किया जा सके.

क्या घुसपैठ से बाज आएगा पाकिस्तान?

डीजीएमओ लेवल की बातचीत के बावजूद बॉर्डर पर भारत चौकन्ना रहेगा क्योंकि सीमा पर घुसपैठ और धोखेबाजी का पाकिस्तान का पुराना इतिहास रहा है. अब भारत के सामने सवाल है कि क्या पाकिस्तान धोखेबाजी की अपनी पुरानी आदत से बाज आएगा?

इमरान के शांति राग के बीच हुई पहल

इससे पहले श्रीलंका दौरे पर पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत से शांति का राग छेड़ा था. इमरान ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा ही भारत के साथ विवाद का एकमात्र मुद्दा है जिसे बातचीत से सुलझा लेंगे दोनों देश. इमरान ने कहा कि हम दो कदम चलने को तैयार हैं और भारत भी इस दिशा में आगे बढ़े.

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