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गांधीनगर: PDPU के दीक्षांत समारोह में बोले PM मोदी- परिवर्तन के एक बड़े दौर से गुजर रहा भारत

दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप देखिए जीवन में वही लोग सफल होते है, वही लोग कुछ कर दिखाते है जिनके जीवन में सेंस ऑफ रिस्पॉन्सबलिटी का भाव होता है. सफलता की सबसे बड़ी शुरुआत, उसकी पूंजी सेंस ऑफ रिस्पॉन्सबलिटी होती है. और कभी बारीकी से आप देखोगे जो विफल वो होते है उनके जीवन की तरफ देखोगे, आपके दोस्‍तों की तरफ देखोगे, तो उसका कारण होगा, उनके मन में हमेशा सेंस ऑफ रिस्पॉन्सबलिटी के बजाय सेंस ऑफ बर्डन इसके बोझ के नीचे दबे हुए हैं.

पीएम मोदी.(फाइल फोटो) पीएम मोदी.(फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2600 छात्रों को मिली उनकी डिप्लोमा/डिग्री
  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए पीएम मोदी
  • सेंस ऑफ रिस्पॉन्सबलिटी को बनाए रखिएः पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के 8 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का भारत, परिवर्तन के एक बड़े दौर से गुजर रहा है. आपके पास वर्तमान के साथ ही भविष्य के भारत का निर्माण करने की भी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस समारोह में शामिल हुए. इस दीक्षांत समारोह में लगभग 2600 छात्रों को उनकी डिग्री / डिप्लोमा दिया गया.

पंडित दीनदयाल उपाध्याय पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के 8वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत, परिवर्तन के एक बड़े दौर से गुजर रहा है. आपके पास वर्तमान के साथ ही भविष्य के भारत का निर्माण करने की भी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. आप सोचिए, कैसे गोल्डन पीरियड में हैं आप. उन्होंने कहा कि शायद आपने भी नहीं सोचा होगा भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष 2022 में हो रहे हैं और भारत की आजादी के 100 साल 2047 में हो रहे हैं, मतलब कि ये 25 साल आपके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण साल हैं. देश के 25 महत्वपूर्ण साल और आपके महत्वपूर्ण 25 वर्ष एक साथ हैं. ऐसा सौभाग्‍य शायद ही किसी को मिलेगा जो आपको मिला है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप देखिए जीवन में वही लोग सफल होते है, वही लोग कुछ कर दिखाते है जिनके जीवन में सेंस ऑफ रिस्पॉन्सबलिटी का भाव होता है. सफलता की सबसे बड़ी शुरुआत, उसकी पूंजी सेंस ऑफ रिस्पॉन्सबलिटी होती है. और कभी बारीकी से आप देखोगे जो विफल वो होते है उनके जीवन की तरफ देखोगे, आपके दोस्‍तों की तरफ देखोगे, तो उसका कारण होगा, उनके मन में हमेशा सेंस ऑफ रिस्पॉन्सबलिटी के बजाय सेंस ऑफ बर्डन इसके बोझ के नीचे दबे हुए हैं.

सेंस ऑफ रिस्पॉन्सबलिटी को बनाए रखेंः पीएम

मेरा आपसे आग्रह है कि अपने भीतर एक सेंस ऑफ रिस्पॉन्सबलिटी को जरूर बनाए रखिएगा. ये सेंस ऑफ रिस्पॉन्सबलिटी देश के लिए हो, देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए हो. आज देश अनेक सेक्टर्स में तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि मुझे ये देखकर खुशी होती है कि ये विश्वविद्यालय आज पूरे विश्व में अपनी पहचान बना रहा है. मैं आज यहां एक मुख्य अतिथि के रूप में नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय परिवार के एक सदस्य के रूप में आया हैं.

पंडित दीनदयाल उपाध्याय पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के 8वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर पीएम मोदी ने कहा, 'मैं बहुत शुरुआत काल से इस यूनिवर्सिटी के प्रोजेक्‍ट्स से जुड़ा रहा हूं और इसलिए मुझे ये देखकर बहुत खुशी होती है कि आज PDPU देश ही नहीं बल्कि विश्व में भी अपनी एक जगह बना रहा है, अपनी पहचान दर्ज कर रहा है. मैं आज यहां चीफ गेस्ट के तौर पर नहीं बल्कि आपके इस महान संकल्‍प का जो परिवार है उस परिवार के एक सदस्य के तौर पर आपके बीच आया हूं.'

उन्होंने कहा कि मुझे ये देखकर बहुत गर्व होता है कि ये यूनिवर्सिटी अपने समय से बहुत आगे चल रही है. एक समय था जब लोग सवाल उठाते थे कि इस तरह की यूनिवर्सिटी कितना आगे बढ़ पाएगी? लेकिन यहां के छात्रों ने, फैकल्टी मेंबर्स ने, यहां से निकले प्रोफेशनल्स ने, अपने कर्तत्‍व से इन सारे सवालों के जवाब दे दिए हैं.

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दीक्षांत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मोनोक्रिस्टलाइन सोलर फोटो वोल्टाइक पैनल के 45 मेगावाट उत्पादन संयंत्र और  सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन वाटर टेक्नोलॉजी की आधारशिला रखा.

दीक्षांत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय में 'इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर - टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेशन', 'ट्रांसलेशनल रिसर्च सेंटर' और 'स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स' का भी उद्घाटन किया. पीएम मोदी ने इस संबंध में ट्वीट कर जानकारी दी है.

दूसरी ओर, 15वें जी-20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत भी आज शनिवार से होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे. इसकी अध्यक्षता सऊदी अरब के किंग सलमान करेंगे. शिखर सम्मेलन को 'सभी के लिए 21वीं सदी के अवसरों का एहसास' विषय पर आयोजित किया जा रहा है. 21-22 नवंबर तक चलने वाला यह शिखर सम्मेलन वर्चुअल होगा. 

जी-20 देशों के लीडर्स की ये इस साल की दूसरी बैठक है. इससे पहले इसी साल मार्च में बैठक हुई थी. आज से शुरू हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन का फोकस कोरोना महामारी के प्रभावों, भविष्य की स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के कदमों पर होगा. 

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