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MP Local Body Election Results: बीजेपी के लिए जश्न नहीं टेंशन वाले नतीजे, 16 नगर निगम से 9 पर सिमटी, कांग्रेस को फायदा

निकाय चुनाव में सबसे ज्यादा हैरानी दिग्गज नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशियों के हारने पर हुई है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर में बीजेपी प्रत्याशी मेयर का चुनाव हार गईं तो नरेंद्र सिंह तोमर के प्रभाव वाले मुरैना में भी बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा.

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भोपाल में बीजेपी नेताओं ने निकाय चुनाव में जीत पर जश्न मनाया. भोपाल में बीजेपी नेताओं ने निकाय चुनाव में जीत पर जश्न मनाया.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2014 में सभी निगमों में बीजेपी के मेयर बने थे
  • MP में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव

मध्य प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के नतीजे आ गए हैं. ये नतीजे बीजेपी के लिए जश्न नहीं, बल्कि टेंशन बढ़ाने वाले माने जा रहे हैं. पिछली बार प्रदेश की सभी 16 नगर निगमों में कब्जा करने वाली बीजेपी को इस बार तगड़ा झटका लगा है. पार्टी के हाथ से 7 सीटें चली गईं हैं. सिर्फ 9 सीटों पर जीत मिली है. बीजेपी ने पहले चरण में 7  शहरों में मेयर का चुनाव जीता था. दूसरे चरण की गिनती में आज सिर्फ दो शहरों में जीत मिली है. कांग्रेस ने 5, निर्दलीय एक, AAP एक शहर में मेयर का चुनाव जीती है. जानिए बुधवार को सामने आए निकाय चुनाव के नतीजों की बड़ी बातें...

बीजेपी के लिए कटनी में बड़ा उलटफेर हुआ है. यहां बीजेपी से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ीं प्रीति सूरी ने महापौर का चुनाव जीता है. इसके अलावा, इस चुनाव में मध्य प्रदेश बीजेपी के दिग्गजों के किले भी धराशायी हुए हैं. 

- निकाय चुनाव में सबसे ज्यादा हैरानी दिग्गज नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशियों के हारने पर हुई है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर में बीजेपी प्रत्याशी मेयर का चुनाव हार गईं तो नरेंद्र सिंह तोमर के प्रभाव वाले मुरैना में भी बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा के संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले कटनी में बीजेपी से बागी होकर चुनाव लड़ी प्रीति सूरी चुनाव जीती हैं.

- आमतौर पर मध्य प्रदेश में दो दलों (कांग्रेस-बीजेपी) वाली राजनीति में भी निकाय चुनाव ने समीकरण बिगाड़ दिए है. AAP ने जहां मेयर पद पर कब्जा किया है तो वहीं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने भी धमाकेदार एंट्री मारते हुए कई पार्षद पदों पर कब्जा किया है.

- मेयर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से करवाने का नुकसान भी बीजेपी को ही उठाना पड़ रहा है. जहां-जहां भाजपा के मेयर प्रत्याशी हारे हैं वहां निगमों में भाजपा के पार्षद बड़ी संख्या में जीते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि यदि कमलनाथ सरकार के महापौर का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने के फैसले को शिवराज सरकार नहीं पलटती तो कई और निगमों में बीजेपी के मेयर बन सकते थे.

- बीजेपी भले ही जीतने का जश्न मना रही है पर यह नहीं भूलना चाहिए कि इससे पहले सभी 16 नगर निगम पर भाजपा का कब्जा था. लेकिन महापौर की कुल 16 सीटों में से भाजपा 9 , कांग्रेस 5, एक ‘आप’ और एक निर्दलीय को मिली.  2014 में भाजपा का 16-0 से क्लीन स्वीप था. इस बार 9 पर रह गई.

- इस चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायक भी हारे हैं. इंदौर से संजय शुक्ला, उज्जैन से महेश परमार और सतना से सिद्धार्थ कुशवाहा चुनाव हारे हैं.

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आज कौन कहां जीता....

कांग्रेस ने बुधवार को रीवा मेयर सीट भाजपा से छीन ली है. रीवा में कांग्रेस के अजय मिश्रा बाबा ने भाजपा के प्रबोध व्यास को 10,282 मतों से हराकर मेयर का चुनाव जीता. रीवा में महापौर पद पर विपक्षी दल ने कई वर्षों के बाद जीत हासिल की है. इसके अलावा, मुरैना में कांग्रेस की शारदा सोलंकी ने बीजेपी की मीना मुकेश जाटव को 14,631 वोटों से हराकर जीत हासिल की. मुरैना नगर निगम मुरैना लोकसभा सीट का हिस्सा है. यहां से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सांसद हैं.

भाजपा ने देवास और रतलाम में मेयर की सीटें बरकरार रखीं. देवास में भाजपा की गीता अग्रवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी विनोदिनी व्यास को 45,884 मतों से हराया. रतलाम में भाजपा के प्रह्लाद पटेल ने कांग्रेस के मयंक जाट को 8,591 मतों से हराया. कटनी में बीजेपी की बागी मेयर का चुनाव जीतीं.

हालांकि, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जबलपुर जिले में 8 में से 6 नगर परिषद हमने जीती है. रीवा में 12 में 11, ग्वालियर में भी 6 में 5 और कटनी में तीनों नगर परिषद हमने जीती है. जिन नगर निगमों में हमारे महापौर नहीं बन पाए हैं, वहां परिषद हमारी ही बनेगी. नगर निगमों में बड़ी संख्या में भाजपा पार्षद जीते हैं. निकाय चुनाव में जनता ने कांग्रेस को सिरे से नकारा है. 

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने ये दावा किया...

- 16 नगर निगम में से 9 नगर निगम भाजपा की जीत हुई है. 5 नगर निगम में कांग्रेस, शेष में अन्य.
- कांग्रेस 5 नगर निगमों में महापौर भले ही जीती हो लेकिन पार्षद हमारे ज्यादा जीते हैं. रीवा में 18 पार्षद भाजपा और 16 कांग्रेस, 11 अन्य. मुरैना में नगर निगम में बहुमत ना भाजपा का है, ना कांग्रेस का है. 14 भाजपा, 19 कांग्रेस, 14 सपा, बसपा, अन्य.
- ग्वालियर में 66 में से 36 भाजपा, कांग्रेस से सिर्फ 19 पार्षद जीते हैं.
- जबलपुर में 79 में से 39 भाजपा और कांग्रेस के सिर्फ 30 पार्षद जीते हैं.
- सिंगरौली में 45 में से 23 भाजपा, कांग्रेस के केवल 13 पार्षद हैं.
- कटनी नगर निगम के 45 वार्डों में से भाजपा के 27, कांग्रेस के 15 और 3 अन्य पार्षद जीते हैं.
- 76 नगर पालिका में 50 में भाजपा को स्पष्ट बहुमत, 15 में स्थिति अच्छी है. कांग्रेस कुल 11 सीट जीत पाई है.
- 255 नगर परिषद में से 185 में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है. 46 में हमारी स्थिति अच्छी है. कांग्रेस को 24 में जीत मिली है.
- वर्ष 2014 में 98 नगर पालिकाओं के चुनाव में भाजपा 54 सीटों पर जीत हुई थी. कुल 55 प्रतिशत. इस वर्ष 76 नगर पालिकाओं के चुनाव में भाजपा 65 सीटों पर अपना अध्यक्ष बनाने जा रही है. जीत का प्रतिशत 85 प्रतिशत रहा है.
- वर्ष 2014 में 264 नगर परिषद के चुनाव में भाजपा 154 सीटों पर जीत हुई थी. कुल 58 प्रतिशत. इस वर्ष 255 नगर परिषद के चुनाव में भाजपा 231 सीटों पर अपना अध्यक्ष बनाने जा रही है. जीत का प्रतिशत 90.58 प्रतिशत रहा है.
- कटनी, रायसेन, राजगढ, सागर, जबलपुर, सिवनी, देवास, सीहोर, नरसिंहपुर, रीवा, मुरैना इन जिलों की नगर परिषदों में भाजपा का प्रदर्शन लगभग शत प्रतिशत रहा है.
- विदिशा, छिंदवाडा, सीहोर, सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर इन पांच जिलों की नगर पालिकाओं में शत-प्रतिशत जीते हैं.
- छिंदवाडा जिले की तीनों नगर पालिकाओं (अमरवाडा, चौरई और परासिया) में भाजपा जीती है. 
- जबलपुर में 8 में से 6 नगर परिषद में भाजपा विजयी हुई है।
- मुरैना में 5 में से 4 नगर परिषद में भाजपा विजयी हुई है.
- रीवा में 12 में से 11 नगर परिषद में भाजपा विजयी हुई है.
- ग्वालियर में सभी 5 नगर परिषदों में कांग्रेस की अपेक्षा भाजपा का प्रदर्शन बेहतर है.
- कटनी में 3 नगर परिषद में से 3 में भाजपा विजयी हुई है.
- 16 नगर निगम के 884 वार्डों में से 491 वार्डो में भाजपा विजयी रही. सिर्फ 274 स्थानों पर कांग्रेस और अन्य पर 109 पार्षद विजयी रहे.
- 76 नगरपालिकाओं के 1795 वार्डों में से 975 वार्डों में भाजपा विजयी रही. 571 स्थानों पर कांग्रेस और 249 पर अन्य पार्षद विजयी रहे.
- 255 नगर परिषदों के 3828 वार्डों में 2002 वार्डो में भाजपा विजयी रही. 1087 स्थानों पर कांग्रेस और 739 पर अन्य पार्षद विजयी रहे.

रविवार को 11 शहरों में ये नतीजे आए थे

इंदौर में बीजेपी के पुष्यमित्र भार्गव चुनाव जीते थे. उन्होंने कांग्रेस के संजय शुक्ला को हराया था. भोपाल से बीजेपी की मालती राय मेयर बनीं. उन्होंने कांग्रेस की विभा पटेल को हराया था. सागर बीजेपी की संगीता तिवारी, सतना में बीजेपी के योगेश ताम्रकार, उज्जैन में बीजेपी मुकेश टटवाल, बुरहानपुर में बीजेपी की माधुरी पटेल, खंडवा में बीजेपी अमृता यादव चुनाव जीती थीं. ग्वालियर में कांग्रेस की शोभा सिकरवार, जबलपुर में कांग्रेस के जगत बहादुर, छिंदवाड़ा में कांग्रेस के विक्रम अहाके, सिंगरौली में AAP की रानी अग्रवाल चुनाव जीती थीं.

मध्य प्रदेश में दो चरणों में 16 नगर निगमों, 99 नगर परिषदों और 298 नगर परिषदों सहित 413 नगर पालिकाओं के लिए शहरी निकाय चुनाव हुए थे. पहले चरण में 6 जुलाई और दूसरे चरण में 13 जुलाई को वोटिंग हुई थी.

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