scorecardresearch
 

दिल्ली अकेला राज्य नहीं, जिसने कोविड-19 की कई लहरें दर्ज कीं

दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 5,673 नए केस बुधवार को दर्ज किए गए. साथ ही इसी दिन 40 मौतें रिपोर्ट हुईं. तो मंगलवार को 4,853 नए कोरोना वायरस केसों के साथ एक दिन की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई तो बुधवार को उससे भी कहीं ज्यादा नए केस दर्ज हुए.

दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी (सांकेतिक-पीटीआई) दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी (सांकेतिक-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तेलंगाना-असम ने भी दूसरी और तीसरी लहरों को देखा
  • दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बुधवार को 5,673 नए केस
  • राजधानी में संक्रमित केसों की संख्या 3.73 लाख के पार

तीन हफ्ते पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया था कि राष्ट्रीय राजधानी कोविड-19 की दूसरी लहर के शिखर को देख चुकी है और स्थिति नियंत्रण में है. लेकिन बुधवार (28 अक्टूबर) को दिल्ली ने महामारी शुरू होने के बाद से किसी एक दिन में नए केसों की संख्या का सबसे बड़ा उछाल देखा.

दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 5,673 नए केस बुधवार को दर्ज किए गए. साथ ही इसी दिन 40 मौतें रिपोर्ट हुईं. इसी के साथ दिल्ली में कुल कोविड-19 पॉजिटिव केसों की संख्या 3.73 लाख तक पहुंच गई जिसमें से 29,378 एक्टिव केस हैं.

दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो महीने पहले घोषणा की गई थी कि उसका ‘मॉडल’ नोवेल कोरोना वायरस को मात देने में सफल रहा है. मंगलवार (27 अक्टूबर) को एक बात स्पष्ट हो गई कि कोविड-19 की तीसरी लहर अब दिल्ली में मौजूद है.

दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर के संकेत
दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर के संकेत

राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को 4,853 नए कोरोना वायरस केसों के साथ एक दिन की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई तो बुधवार को उससे भी कहीं ज्यादा नए केस दर्ज हुए. अभी तक इससे पहले रिकॉर्ड 16 सितंबर को दर्ज 4,473 केस का था जो दूसरी लहर के दौरान शहर में एक दिन में नए केसों का सबसे ऊंचा आंकड़ा था. 

देखें: आजतक LIVE TV

राज्य के एडवाइजरी बोर्ड के सदस्यों का कहना है कि ये बढोतरी RT-PCR टेस्ट अधिक होने की वजह से हो रही है. ये दिल्ली की टेस्टिंग रणनीति में जुलाई से रैपिड एंटीजन टेस्टों की संख्या अधिक प्रभावी रहने के विपरीत है. शहर में जून-जुलाई में केसों की संख्या में पहला बड़ा उछाल देखा था.  

दिल्ली हाईकोर्ट ने लंबित एक केस की सुनवाई के दौरान "गोल्ड स्टैंडर्ड आरटी-पीसीआर टेस्ट" अधिक किए जाने पर जोर दिया था. इससे पहले कुछ विशेषज्ञों ने सुझाव दिया था कि एंटीजन टेस्टिंग में गलत निगेटिव नतीजों की ऊंची दर से वायरस का तेजी से फैलाव हो सकता है, वो भी बिना पहचान हुए ही. 

आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले हफ्ते से जितने टेस्ट हो रहे हैं उनमें से RT-PCR  टेस्टिंग की हिस्सेदारी 30 फीसदी से अधिक रही है. ये इससे पिछले हफ्तों की तुलना में मामूली बढ़ोतरी है.

पूर्वोत्तर में कोरोना की छोटी लहरें
पूर्वोत्तर में कोरोना की छोटी लहरें

त्योहारी सीजन के कारण बाजारों में अधिक चहल पहल और मौसम में ठंडक बढ़ना, अन्य कारण हैं जिनकी वजह से दिल्ली में कोविड-19 केसों की संख्या बढ़ रही है. नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति ने इस महीने की शुरुआत में, चेतावनी दी थी कि दिल्ली में सर्दियों के महीनों के दौरान एक दिन में कोविड-19 के नए 15,000 केस तक सामने आ सकते हैं. हालांकि, इससे आवश्यक रूप से एक और बात साफ नहीं होती और वो है अन्य राज्यों की ओर से छोटी लहरों को देखना.

दिल्ली के अलावा, तेलंगाना और असम ने भी एक दूसरी और तीसरी लहर का सामना किया है. तेलंगाना में, त्योहारी सीजन के अलावा, स्थानीय निकाय चुनावों को भी केसों की संख्या में उछाल से जोड़ कर देखा जा रहा है. दक्षिणी राज्य के प्रशासकों ने बार-बार सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी की और महामारी के शुरुआती महीनों में सार्वजनिक आयोजनों को जारी रखा जिसमें बड़ी संख्या में लोग एकत्र दिखाई दिए. स्थानीय निकाय चुनावों के लिए कैम्पेनिंग भी इससे अलग नहीं थी.  

असम के अलावा तीन उत्तर-पूर्वी राज्यों- मेघालय, मणिपुर और नगालैंड के वक्र भी अधिकतर राज्यों या औसतन पूरे देश से अलग दिखाई दिए, लेकिन ये अभी तक अज्ञात है कि कुछ शहरों और राज्यों में साफ कई लहरें देखी गई हैं जबकि अन्य ने ऐसा होते नहीं देखा.

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सर्दियों के महीने मौसमी वायरल संक्रमणों के लिए खास जोखिम वाले होंगे, जिनमें इस साल कोविड-19 को भी शामिल किया जा सकता है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें