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कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी, गहलोत-थरूर के बाद मनीष तिवारी ने भी की तैयारी

केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री के मुताबिक, चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर के बीच होगी. नामांकन पत्रों की जांच एक अक्टूबर जबकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर होगी. एक से अधिक उम्मीदवार होने पर चुनाव 17 अक्टूबर को होगा. मतों की गिनती और नतीजों की घोषणा 19 अक्टूबर को होगी.

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राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया है.
राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया है.

कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव की चर्चाएं इन दिनों सुर्खियों में हैं. इस बीच पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है. कैंडिडेट को फेस-टु-फेस नामांकन फाइल करना होगा.

केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री के मुताबिक, चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर के बीच होगी. नामांकन पत्रों की जांच एक अक्टूबर जबकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर होगी. एक से अधिक उम्मीदवार होने पर चुनाव 17 अक्टूबर को होगा. मतों की गिनती और नतीजों की घोषणा 19 अक्टूबर को होगी. 

इस ऐलान के बाद तय माना जा रहा है कि दिवाली से पहले कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल जाएगा. कहा जा रहा है कि राहुल गांधी इस रेस से लगभग बाहर हैं. अगर राहुल गांधी चुनावी मैदान में नहीं उतरते हैं तो ये तय है कि दो दशक से ज्यादा समय के बाद कांग्रेस का अगला अध्यक्ष गांधी परिवार से बाहर का होगा. 

हालांकि कांग्रेस में नए अध्यक्ष के नामों को लेकर सियासी अटकलें तेज हैं. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पार्टी के दिग्गज नेता शशि थरूर के बाद सांसद मनीष तिवारी के चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं. अशोक गहलोत ने पार्टी की आलाकमान सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी .शशि थरूर पार्टी के चुनाव पैनल प्रमुख से मुलाकात कर नामांकन औपचारिकताओं के बारे में जानकारी ले चुकी हैं. वहीं मनीष तिवारी भी अपने सहयोगियों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं. 

चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा- सोनिया गांधी

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के संकेत देने के बाद बुधवार को सोनिया गांधी से मुलाकात की. इस बैठक में सोनिया गांधी ने साफ कर दिया है कि पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा, वे किसी को व्यक्तिगत स्वीकृति नहीं देंगी. उन्होंने यह भी कहा कि 'एक व्यक्ति एक पद' को लेकर फैसला उम्मीदवार के फाइनल होने और चुनाव जीतने के बाद किया जाएगा. 
 

आगामी चुनाव निश्चित रूप से ऐतिहासिक होंगे क्योंकि नए अध्यक्ष सोनिया गांधी की जगह लेंगे, जो सबसे लंबे समय तक पार्टी की अध्यक्ष हैं. वो 1998 से 2017 तक अध्यक्ष पद पर रहीं. 2017 से 2019 तक राहुल गांधी ने ये पदभार संभाला था, लेकिन बाद लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद सोनिया को फिर पार्टी की कमान संभालनी पड़ी थी. 

पार्टी में आखिरी बार नवंबर 2000 में इस पद के लिए चुनाव हुआ था. इस चुनाव में जितेंद्र प्रसाद सोनिया गांधी से हार गए थे. इस चुनाव से पहले सीताराम केसरी ने 1997 में शरद पवार और राजेश पायलट को हराया था.

 

 

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