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भुवनेश्वर: धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदर्शनी का किया उद्घाटन, स्वतंत्रता सेनानियों को किया सम्मानित

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भुवनेश्वर के रेलवे परिसर में एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. इस समारोह में भाजपा कि भुवनेश्वर की सांसद अपराजिता सारंगी एवं आजादी की लड़ाई में अपना योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानी मौजूद रहे.

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धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदर्शनी का किया उद्घाटन धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदर्शनी का किया उद्घाटन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'बंटवारे के दर्द को भुलाया नहीं जा सकता'
  • 'गुलाम मानसिकता ने आज भी कांग्रेस को जकड़ रखा है'

भारतवर्ष इन दिनों स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव मना रहा है. वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भुवनेश्वर के रेलवे परिसर में एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. इस समारोह में भाजपा कि भुवनेश्वर की सांसद अपराजिता सारंगी एवं आजादी की लड़ाई में अपना योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानी मौजूद रहे.

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रदर्शन सभा में 14 अगस्त 1947 के समय विभाजन के दौरान की तस्वीरों ने लोगों की आंखों को नम कर दिया. इस प्रदर्शनी सभा का मुख्य उद्देश्य आजादी के वीरो को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि देने और आज के युवाओं को देश के लिए बलिदान देने वाले लोगों के प्रति प्रेरित करना है.

'बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता'
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रदर्शनी सभा का उद्घाटन करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता. नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी. उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है.

'गुलाम मानसिकता ने आज भी कांग्रेस को जकड़ रखा है'
प्रधान ने कहा कि जिन लोगों ने विभाजन करते वक़्त भारतवासियों की जान और सम्मान की परवाह नहीं की, उन्हें आज विभाजन की त्रासदी में अपना सब कुछ खो देने वाले लोगों को नमन करने से भी तकलीफ है. एक परिवार की महत्वाकांक्षाओं को देश व जनता से ऊपर रखने वाली गुलाम मानसिकता ने आज भी कांग्रेस को जकड़ रखा है. प्रधान ने कहा कि करोड़ों लोगों का जीवन बर्बाद करने वाले विभाजन के दंश को दशकों तक ऐसे भुला दिया गया जैसे कुछ हुआ ही नहीं था.

प्रधान ने कहा कि देश के 5 हजार स्थानों पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रदर्शनी लगाया गया है. इस प्रदर्शनी के माध्यम से वर्तमान के नौजवानों को 1947 में देश को आजादी दिलाने वाले वीर शहीदों के प्रति प्रेरित और उनके बलिदान को बताने के लिए किया गया है. यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं है बल्कि हमारे देश में विभाजन के समय की सच्ची घटनाओं को बताता है.
 

 

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