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आज का दिन: लड़ाकू विमान तेजस की क्या है खासियत, क्यों बिहार में बढ़ रहा है अपराध

भारतीय वायुसेना के बेड़े में जल्द ही 83 तेजस एयरक्राफ्ट शामिल होंगे. इस विमान में कुछ ऐसी खासियत है जो इसे दूसरे लड़ाकू विमानों से अलग बनाती है. वही बता रहे हैं डिफेन्स मामलों के जानकर और इंडिया टुडे मैगज़ीन के एग्जीक्यूटिव एडिटर संदीप उन्नीथन.

तेजस विमान तेजस विमान

भारतीय वायुसेना के बेड़े में जल्द ही 83 तेजस एयरक्राफ्ट शामिल होंगे. लड़ाकू विमान तेजस की 48 हजार करोड़ रुपये की डील को कल कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी की मंजूरी मिल गई. स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस को 4 साल पहले वायुसेना में शामिल किया गया था. इस विमान में कुछ ऐसी खासियत है जो इसे दूसरे लड़ाकू विमानों से अलग बनाती है. वही बता रहे हैं डिफेन्स मामलों के जानकर और इंडिया टुडे मैगज़ीन के एग्जीक्यूटिव एडिटर संदीप उन्नीथन -

केंद्र सरकार ने एडल्ट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है. साल 2018 तक सेक्शन 497 के तहत एडल्ट्री अपराध हुआ करता था. सजा का भी प्रावधान था मगर फिर कोर्ट ने इस कानून को ख़त्म कर दिया. अब केंद्र ने कोर्ट से अपील की है कि अदालत ने जो फैसला साल 2018 में दिया था, उसे सशस्त्र बलों यानी आर्म्स फोर्सेस के केस में लागू ना किया जाए. सैन्य मामलों के जानकार मेजर जनरल(रिटायर्ड) शशि अस्थाना बता रहे हैं कि पहले कानून क्या था और सेना को अब वाले फैसले से दिक्कत क्या है?

बिहार में हर दिन ही हत्या, बलात्कार और लूट की ख़बरों की भरमार होती है. यहां तक कि सरकार की नाक के नीचे राजधानी पटना में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लाख दावों के बाद भी सूबे में क़ानून-व्यवस्था कराह रही है. इसकी एक नज़ीर मंगलवार को देखने को मिली जब बेख़ौफ़ अपराधियों ने पटना में इंडिगो एयरलाइंस के स्टेशन हेड रूपेश सिंह की उनके घर के बाहर हत्या कर दी. इस घटना से न केवल बिहार पुलिस के इक़बाल पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं, बल्कि गृह विभाग की कमान संभाल रहे नीतीश कुमार भी निशाने पर आ गए हैं. आंकड़ों पर नज़र डालें तो बिहार में पिछले साल जनवरी से लेकर सितंबर महीने तक 2406 मर्डर और 1106 रेप की वारदात रिकॉर्ड की गई है. तो बिहार में बढ़ते अपराध की वजह जानने के लिए हमने बात की वरिष्ठ पत्रकार पुष्यमित्र से.

और ये भी सुनिए कि 14 जनवरी की तारीख महत्वपूर्ण क्यों है, इतिहास इस पर क्या कहता है. साथ साथ अख़बारों का हाल भी लेंगे. इतना सब कुछ महज़ आधे घंटे में सुनिए मॉर्निग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में नितिन ठाकुर के साथ.

'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें

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