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आज का दिन: एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस क्यों नहीं कर पा रहे मंत्रिमंडल विस्तार?

महाराष्ट्र की क़ानूनी लड़ाई का सुप्रीम कोर्ट में आज ही होगा शंखनाद? नूपुर शर्मा कीनई याचिका में क्या बातें कही गई हैं? क्या इस बार सर्दी से पहले LAC पर सब ठीक हो पाएगा? और क्यों ऑस्ट्रेलिया सरकार ने मरवा दीं लाख़ों मधुमक्खियां? सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ

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एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)
एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)

आजतक रेडियो पर हम रोज लाते हैं देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आज का दिन’ जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की खबरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अखबारों की सुर्खियां और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे, लेकिन पहले जान लीजिए कि आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर अमन गुप्ता किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं?
 

महाराष्ट्र की लड़ाई में कहां फंसा क़ानूनी पेंच?

राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग कल पूरी हो गई. शिवसेना के सांसदों ने उद्धव ठाकरे को इस बात पर मजबूर कर दिया कि वे ओपोजिशन कैंडिडेट यशवंत सिन्हा के बजाय द्रौपदी मुर्मी को पार्टी का सपोर्ट दें, उद्धव ने दिया भी. लेकिन इससे बग़ावत ऐसा लगता है उन सांसदों की नहीं थामी जा सकी. कल महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे कैम्प ने शिवसेना की बैठक की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक में शिवसेना के 14 सांसद ऑनलाइन शामिल हुए. रिपोर्ट्स ये भी हैं कि आज मुख्यमंत्री महाराष्ट्र के एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज कुछ शिवसेना सांसदों के साथ दिल्ली आएंगे. यहां अमित शाह और पीएम मोदी से उनकी मुलाकात भी सम्भव है. एक और बात, कल शिंदे गुट ने जो बैठक की थी इसमें मौजूदा कार्यकारिणी को भंग करके नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई. साथ ही सीएम शिंदे को शिवसेना पार्टी का नया नेता भी चुन लिया गया है लेकिन उद्धव को पार्टी प्रमुख के पद से नहीं हटाया गया है, इसके क्या मतलब निकाले जाएं और इसकी वैलिडिटी कितनी है? और जो आज दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के रहने की रिपोर्ट्स हैं, क्या उस दौरान महज़ कुछ सांसदों को लेकर शक्ति प्रदर्शन दिखाने की कोशिश होगी या फिर इसे कल सुप्रीम कोर्ट में महराष्ट्र से जुड़े कई मुद्दों पर होने वाली सुनवाई से जोड़कर देखें?


नूपुर शर्मा और अग्निपथ स्कीम पर सुप्रीम कोर्ट में आज क्या होगा?
 
सुप्रीम कोर्ट में आज दो अहम मसअलों पर सुनवाई भी होनी है. नम्बर 1, पैगम्बर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वाली बीजेपी से निलंबित नेता नूपुर शर्मा की याचिका पर सुनवाई होगी. जहां जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच के सामने ये मामला होगा. इससे पहले 1 जुलाई को इसी बेंच ने नूपुर की पिछली याचिका पर सुनवाई की थी. तब बेंच ने तीखे कमेंट करते हुए याचिका सुनने से ही मना कर दिया था. ऐसे में, आज जब इसी बेंच के सामने नूपुर शर्मा एक नई याचिका लेकर पहुंची हैं तो परिस्थितियां तब से अब तक कितनी बदली हुई हैं और नूपुर शर्मा ने आज किन बिंदुओं के मद्देनजर कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है? वहीं दूसरी सुनवाई है अग्निपथ स्कीम पर. अलग-अलग इन याचिकाओं में योजना पर फिलहाल रोक लगाने से लेकर उसे रद्द करने जैसी मांगें रखी गई हैं. किस ने ये याचिकाएं दायर की हैं और सरकार जो इस योजना को रिफॉर्म की तरह पेश कर रही, वो इन याचिकाओ पर क्या सोचती है?

क्या सर्दी से पहले ठीक होंगे LAC पर हालात?

चीन व्यापार के मोर्चे पर भले हमारा यार हो लेकिन उससे सटे इंडो-चाइना बॉर्डर एरियाज में तकरार का भी लम्बा-चौड़ा इतिहास है. साल 2020 में अप्रैल-मई के महीने में सैन्य झड़प हुई दोनों देशों के सैनिकों के बीच…ख़ासकर, एलएलसी यानी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के नज़दीक. इसी साल 6 जून को तय हुआ कि कोर कमांडर लेवल की बैठक होगी ताकि तनातनी और टेंशन दो न्यूकिलयर पॉवर कंट्रीज के बीच कुछ कम हो लेकिन क़रीब हफ्ते भर बाद ही 15 जून को झड़प हिंसक हुई और दोनों ओर के कई जवान शहीद हो गए. स्टेटस को में भी तब्दीली की बातें हुईं. और फिर यथास्थिति बहाल करने के लिए शुरू हुई दोनों देशों के कोर कमांडर लेवल की बातचीत आगे बढ़ी. 16वें दौर की बातचीत हो चुकी. कई बार बैठकें 9 से 12 घण्टे तक चलीं. अभी रविवार को ही विवादित जगहों से चीनी सैनिकों की वापसी के मुद्दे पर चर्चा हुई. भारतीय सीमा के चुशूल-मोल्डो में सैन्य अधिकारी मिले लेकिन जानकार कहते हैं कि यथास्थिति अब तक बहाल नहीं हो सकी है. दो ठंड बीत जाने के बाद इस बार के ठंड से पहले चीज़ें कैसी हैं ग्राउंड पर और कहां तकरार अब भी जस की तस है?

ऑस्ट्रेलिया में क्यों मारी जा रहीं मधुमक्खियां?  

पिछले 2 हफ्तों में ऑस्ट्रेलिया एडमिनिस्ट्रेशन ने 60 लाख मधुमक्खियों को मार दिया क्योंकि इससे ऑस्ट्रेलिया में करोड़ों रुपये की शहद इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचने का डर सता रहा है. तो ऑस्ट्रेलिया को किस वजह से लाखों  मधुमक्खियों को मारने का फैसला लेना पड़ा और क्या ये पहली मर्तबा हो रहा है या पहले भी इस पैमाने पर मधुमक्खियों को मारा गया है ऑस्ट्रेलिया में?

इन ख़बरों पर विस्तार से चर्चा के अलावा ताज़ा हेडलाइंस, देश-विदेश के अख़बारों से सुर्खियां, आज के दिन की इतिहास में अहमियत सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ.

19 जुलाई 2022 का 'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें
 

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