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फांसी के 7 साल बाद आतंकी याकूब मेमन की कब्र को लेकर क्यों छिड़ा विवाद, शिवसेना और बीजेपी आई आमने सामने

फांसी के बाद याकूब को मरीन लाइन्स रेलवे स्टेशन के सामने करीब 7 एकड़ में बने 'बड़ा कब्रिस्तान' में दफनाया गया था. अब याकूब मेमन की कब्र की तस्वीर वायरल हो रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि याकूब मेमन की कब्र को मार्बल और लाइट्स से सजाया गया है. फोटो सामने आने के बाद महाराष्ट्र में राजनीति शुरू हो गई है.

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याकूब मेमन की कब्र की ये फोटो वायरल हो रही है.
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याकूब मेमन की कब्र की ये फोटो वायरल हो रही है.

1993 में मुंबई में सीरियल धमाके हुए थे. इन धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में याकूब मेमन दोषी ठहराते हुए 2015 में फांसी दी गई थी. अब याकूब मेमन एक बार फिर चर्चा में है. इस बार याकूब की कब्र को लेकर राजनीति हो रही है. जहां बीजेपी पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर सीएम रहते याकूब मेमन की कब्र मजार में तब्दील करने का आरोप लगा रही है. वहीं, शिवसेना का कहना है कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने याकूब के शव को उनके परिवार को सौंपा था. वहीं, इस मामले में अब मुंबई पुलिस ने जांच भी शुरू कर दी है. आईए जानते हैं कि आखिर मामला क्या है और फांसी के 7 साल बाद याकूब मेमन को लेकर विवाद की शुरुआत कहां से हुई? 

फांसी के बाद याकूब को मरीन लाइन्स रेलवे स्टेशन के सामने करीब 7 एकड़ में बने 'बड़ा कब्रिस्तान' में दफनाया गया था. अब याकूब मेमन के कब्र की एक तस्वीर वायरल हो रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि याकूब मेमन की कब्र को मार्बल और लाइट्स से सजाया गया है. फोटो सामने आने के बाद महाराष्ट्र में आरोप प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो गई है. विवाद बढ़ने के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. डीसीपी रैंक का अधिकारी इस मामले में जांच करेगा. पुलिस वक्फ बोर्ड, चैरिटी कमिश्नर और बीएमसी से इसे लेकर सवाल जवाब भी करेगी. 

बीजेपी ने लगाए आरोप

बीजेपी नेता राम कदम ने याकूब की कब्र की कुछ तस्वीरें शेयर कीं. उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के सीएम रहते याकूब मेमन की कब्र, मजार में तब्दील हो गई. बीजेपी नेता राम कदम ने कहा कि इसके लिए उद्धव ठाकरे, शरद पवार और राहुल गांधी को मुम्बई की जनता से माफी मांगनी चाहिए. 

 

महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि याकूब मेमन की कब्र उद्धव ठाकरे की सरकार में बनाई गई. यह दिखाता है कि कैसे उद्धव ठाकरे ने सत्ता में आने के बाद अपने विचारों से समझौता किया. उद्धव ठाकरे को जवाब देना चाहिए कि आतंकवादियों का महिमामंडन करने वाले देशद्रोहियों को क्यों छोड़ दिया जाता है? इतना ही नहीं बीजेपी ने इस मामले में जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की. 

एजेंडा चला रही बीजेपी- शिवसेना

शिवसेना विधायक और प्रवक्ता मनीषा कायंदे ने इन आरोपों पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीति है कि आतंकियों के शवों को उनके परिजनों को न सौंपा जाए. इसके बावजूद देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहते याकूब के शव को उसके परिवार को क्यों सौंपा गया. उन्होंने कहा, कब्र के रखरखाव के लिए ट्रस्ट जिम्मेदार है, न कि बीएमसी. उन्होंने कहा कि बीजेपी शिवसेना को हिंदू विरोधी साबित करने के लिए एजेंडा चला रही है. 

कांग्रेस ने भी साधा बीजेपी पर निशाना

उधर, कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोधे ने कहा कि बीजेपी की ये जानबूझकर की हुई गलती है. उन्होंने कहा, कांग्रेस के समय में दो आतंकियों अफजल गुरु और कसाब को फांसी दी गई. दोनों को गुप्त तौर पर दफन कर दिया गया. ऐसा ही ओसामा बिन लादेन के मामले में अमेरिका ने किया था. लेकिन जब याकूब को फांसी दी गई, बीजेपी सत्ता में थी. बीजेपी ने जानबूझकर अंतिम संस्कार की इजाजत देकर एक तमाशा होने दिया.  

कब्रिस्तान के कर्मचारियों का क्या है कहना?

वायरल फोटो को लेकर जब कब्रिस्तान के कर्मचारी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यहां कई ऐसी कब्र हैं, जिन्हें मार्बल से सजाया गया है. कुछ लोग बहुत पहले से कब्रिस्तान में अपने रिश्तेदारों के लिए जगह ले कर रखी है जिसका वो सालाना फीस भरते हैं, ऐसे ही याकूब मेमन के कब्र वाली जगह को बहुत पहले से लिया गया है, याकूब मेमन के कब्र के पास 3 और कब्र है जो उनके रिश्तेदारों की हैं. 

कब्रिस्तान के कर्मचारी अशफाक का कहना है कि लाइट वाली बात फैलाना किसी की शरारत है. क्योंकि पूरे कब्रिस्तान में जगह जगह लाइट लगी हुई हैं. ये शाम 6 बजे से 11 बजे तक जलती हैं. उसके बाद बुझा दिया जाता है, लेकिन अगर किसी को इस दौरान दफनाने की जरूरत होती है तो इस लाइट को जलाया जाता है. याकूब मेमन के कई रिश्तेदार आते हैं जो कब्र की साफ सफाई का ख्याल रखते हैं. उन्होंने बताया कि शब ए बारात के दिन पूरे कब्रिस्तान को सजाया जाता है, लाइट लगाई जाती हैं. हो सकता है ये फोटो तभी का हो. 

 

 

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