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'मैं फकीर नहीं हूं जो झोला उठाकर चल दूंगा', दशहरा रैली से जमकर बरसे उद्धव ठाकरे

सीएम उद्धव के संबोधन में सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला किया. तंज भरे अंदाज में उद्धव ने कहा कि मैं फकीर नहीं हूं जो झोला उठाकर चल दूंगा.

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Shiv Sena president and cm Uddhav Thackeray
Shiv Sena president and cm Uddhav Thackeray
स्टोरी हाइलाइट्स
  • CM उद्धव ने शुक्रवार को संबोधित किया था दशहरा रैली
  • बीजेपी, पीएम मोदी और संघ पर जमकर बरसे CM उद्धव

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने शुक्रवार को वार्षिक दशहरा उत्सव को संबोधित करते बीजेपी, संघ और मोदी पर जमकर हमला बोला. सीएम उद्धव ने कहा कि हिंदुत्व को बाहर वालों से नहीं बल्कि नव हिंदुत्ववादियों से खतरा है. साथ ही उनसे भी हैं जिन्होंने सत्ता हासिल करने के लिए हिंदुत्व की विचारधारा का इस्तेमाल किया. आगे वे बांटो और राज करो की नीति का अपनाएंगे.

सीएम उद्धव के संबोधन में सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला किया. तंज भरे अंदाज में उद्धव ने कहा कि मैं फकीर नहीं हूं जो झोला उठाकर चल दूंगा.

उन्होंने कहा, 'पहले मुझे नींद नहीं आती थी, दरवाजे पर टकटक होती थी तो रोंगटे खड़े हो जाते थे, फिर मैं बीजेपी में चला गया, अब मैं कुंभकरण के जैसा सोता हूं.' दशहरा रैली में एक टीवी ऐड की नकल करते हुए शिवसेना चीफ ने कहा कि पूर्व कांग्रेस नेता हर्षवर्धन पाटिल ने बीजेपी में आने के बाद कुछ ऐसा कहा था.

सबसे बड़ी पार्टी दूसरे दलों के नेताओं को लेकर आती है...

उद्धव ने अपने भाषण में बीजेपी से सवाल किया कि खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताने वाली बीजेपी क्यों दूसरे दलों से नेताओं को लेकर आती है. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया. उन्होंने चुनौती दी कि अगर आपको मुकाबला करना है तो सीधे तौर पर करो. इसमें ईडी, सीबीआई जैसी संस्थाओं को इस्तेमाल मत करो. 

पालकी नहीं ढोएंगे, हम उसके लिए पैदा नहीं हुए...

उन्होंने कहा कि हम आपकी पालकी नहीं ढोएंगे, हम उसके लिए पैदा नहीं हुए हैं. अब जब हम इसे नहीं ले जा रहे हैं, तो आप हमें भ्रष्ट कह रहे हैं? आप परिवारों, बच्चों को निशाना बना रहे हैं. ये मर्दानगी नहीं है, ये अमानवीय है. उद्धव ठाकरे ने नागपुर में संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण को लेकर भी हमला बोला. 

उन्होंने कहा, मोहन भागवत बोले थे कि हमारे पूर्वज एक हैं. फिर लखीमपुर में धरना प्रदर्शन कर रहे किसान के पूर्वज कौन हैं? क्या वे दूसरे ग्रह से आए थे? अगर सबके पूर्वज एक हैं तो फिर विपक्ष वाले के पूर्वज इसमें नहीं हैं क्या, किसानों के पूर्वज नहीं हैं क्या, जिन पर गाड़ी चढ़ाया गया, ये नहीं हैं क्या? उद्धव ठाकरे ने भाषण में ये भी कहा कि आजादी के 75वें साल में अब वक्त आ गया है कि संघीय ढांचे पर चर्चा हो. आम आदमी से कहना चाहता हूं कि वोट सबसे बड़ा हथियार है. 

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