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शिवसेना पर कब्जे के लिए आदित्य ठाकरे के 'नक्शेकदम' पर चलेंगे एकनाथ शिंदे?

महाराष्ट्र की सियासत में शिवसेना पर काबिज होने की सियासी जंग तेज होती जा रही है. शिवसेना की लड़ाई कानूनी दांव पेच के साथ-साथ सियासी तौर पर भी लड़ी जा रही है. उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र का जिन इलाकों में दौरा किया है, उन्हीं क्षेत्र में अब एकनाथ शिंदे भी शुक्रवार से अपने अभियान की शुरूआत कर रहे हैं.

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एकनाथ शिंदे और आदित्य ठाकरे
एकनाथ शिंदे और आदित्य ठाकरे

महाराष्ट्र में शिवसेना को नए सिरे से मजबूती देने के लिए आदित्य ठाकरे इन दिनों शिव संवाद यात्रा कर रहे हैं. पहले चरण में आदित्य ठाकरे ने जिन इलाकों का दौरा करके सियासी आधार को मजबूत करने की कवायद की है, उन्हीं जिलों में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद भी शुक्रवार से बड़ा अभियान शुरू कर रहे हैं. इस तरह से महाराष्ट्र की सियासत में अब शिंदे बनाम ठाकरे के बीच सियासी वर्चस्व की जंग और भी तेज होगी. 

बता दें कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अगुवाई वाली महा विकास अघाड़ी सरकार के तख्तापलट के बाद एकनाथ शिंदे बीजेपी के सहयोगी से मुख्यमंत्री बन गए हैं और शिवसेना पर अपना वर्चस्व जमाने के फिराक में है. ऐसे में उद्धव ठाकरे के बेटे व शिवसेना युवा ईकाई के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे अपने दादा बालासाहेब ठाकरे की राजनीतिक विरासत को दोबारा से हासिल करने के लिए महाराष्ट्र में 'शिव संवाद यात्रा' कर रहे हैं. 

आदित्य ठाकरे ने अपनी यात्रा के पहले चरण की शुरुआत भिवंडी से की और शिरडी में जाकर समाप्त हुई. इस तरह यात्रा नासिक, अहमदनगर, औरंगाबाद समेत कुछ जिलों से होकर गुजरी. यात्रा के दौरान एकनाथ शिंदे को लेकर आदित्य ठाकरे काफी आक्रमक नजर आए थे. साथ ही ठाकरे ने बागी विधायकों के क्षेत्र में उनकी जमकर आलोचना करते नजर आए थे.  

वहीं, अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी आधिकारिक दौरे पर शुक्रवार से निकल रहे हैं. शिंदे भी इन जिलों के तीन दिवसी दौरे पर हैं, जिसे आदित्य ठाकरे की यात्रा के जवाब में देखा जा रहा है. इतना ही नहीं शिंदे अपनी यात्रा के दौरान उन विधायकों से मिलेंगे, जिनकी आदित्य ठाकरे ने शिव संवाद यात्रा के दौरान आलोचना की थी. ऐसे में माना जा रहा है कि आदित्य ठाकरे ने अपनी यात्रा के दौरान जो माहौल बनाया है, उसे शिंदे अपने दौरे से फ्लाप करने की रणनीति है. 

एकनाथ शिंद ने अपनी तीन दिवयीय यात्रा नासिक जिले के मालेगांव से कर रहे हैं, जहां वो विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे और साथ ही कार्यों की समीक्षा और उद्घाटन करेंगे. इसके बाद प्रेस कांफ्रेंस को भी संबोधित करेंगे. मालेगांव शिवसेना के बागी विधायक दादाजी भूसे का निर्वाचन क्षेत्र है, जहां मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बैठक करेंगे. इसके बाद वह औरंगाबाद के लिए निकलेंगे. इस मौके पर वह विधायक सुहास कांडे से भी मिलेंगे. 

सीएम एकनाथ शिंदे अपने औरंगाबाद जिले के दौरे के दौरान वैजापुर में बैठक करेंगे. इसके बाद औरंगाबाद मंडल कार्यालय में समीक्षा बैठक करेंगे. साथ ही औरंगाबाद में पत्रकारों को भी संबोधित करेंगे. इसके बाद सीएम शिंदे बागी विधायक व पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार के क्षेत्र सिल्लोड जाएंगे, जहां पर विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. इतना ही नहीं शिंदे औरंगाबाद मध्य क्षेत्र के विधायक प्रदीप जायसवाल के आफिस जाएंगे और औरंगाबाद पश्चिम विधायक संजय शिरसाट और संदीपन भुमरे से भी मिलेंगे. एकनाथ शिंदे बीजेपी विधायक अतुल सावे के कार्यालय का दौरा कर मुंबई के लिए रवाना होंगे. 

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच शिवसेना पर काबिज होने की जंग जारी है. ऐसे में शिंदे बनाम ठाकरे का नजारा अब सूबे के तीन जिलों में भी देखने को मिल रहा है. आदित्य ठाकरे अपने पहले चरण के यात्रा के दौरान जिन जिलों से होकर गुजरे हैं और जिन शिंदे गुट विधायकों पर निशाना साधा है. सीएम शिंदे उन्हीं तीनों जिलों के दौरे पर हैं और निकलें हैं और उन्हीं विधायकों से मिलने का कार्यक्रम रखा है, जिन पर आदित्य ठाकरे ने सवाल खड़े किए हैं. ऐसे में महाराष्ट्र की यह अदावत और भी तेज होगी.  

दिलचस्प बात यह है कि मुंबई के बाहर अपने पहले बड़े आउटरीच कार्यक्रम के तहत आदित्य ठाकरे ने ठाणे पहुंचे थे, जिसे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का मजबूत गढ़ माना जाता. शिंदे और शिवसेना के एक बड़े वर्ग के विद्रोह के बाद सेना कैडर को एकजुट करने के प्रयास के तहत देखा जा रहा है. आदित्य ठाकरे दूसरे चरण में सावंतवाड़ी और कोल्हापुर के दौरे पर एक अगस्त से निकल रहे हैं. वहीं, एकनाथ शिंदे के दौरे के उसी के जवाबी यात्रा के दौरे के रूप में देखा जा रहा. ऐसे में देखना है कि शह-मात के खेल में कौन भारी पड़ता है? 

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