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महाराष्ट्र में शिंदे सरकार यानी 'उधारी का माल', सामना के जरिए शिवसेना का एकनाथ-फडणवीस पर निशाना

महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे की सरकार को शिवसेना ने उधारी का माल बताया है. शिवसेना ने सामना अखबार के जरिए एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है. साथ ही कहा कि याद रहे कि कभी कभी ये उधारी डूब भी जाती है.

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देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो)
देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एकनाथ शिंदे ने किया था 200 सीटें जीतने का दावा
  • सामना ने लिखा- यह सब हिंदुत्व के नाम पर हुआ

महाराष्ट्र में अब एकनाथ शिंदे की सरकार है. बीजेपी के नेता देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम हैं. प्रदेश में उद्धव सरकार गिर गई है. सूबे में वर्तमान में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर सामना अखबार ने लिखा है कि एकनाथ शिंदे ने अगले चुनाव में 200 सीटें जीतने का दावा किया है. गनीमत है कि उन्होंने विधानसभा की सभी 288 सीटें जीतने का दावा नहीं किया. सामना के मुताबिक बाजार में हमेशा उधारी चलती रहती है. लेकिन कभी-कभी यह उधारी डूब भी जाती है. शिंदे-फडणवीस का यह बयान यानी बाजार का 'उधारी का माल' है.

सामना ने लिखा कि एकनाथ शिंदे ने जब बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाई तो पीएम मोदी ने कहा कि 'महाराष्ट्र को कुछ भी कम नहीं पड़ने दिया जाएगा'. लेकिन क्या दिल्ली की बीजेपी सरकार ये सोचकर बैठी थी कि जब तक शिवसेना के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार नहीं चली जाती, तब तक महाराष्ट्र को उसके अधिकार का कुछ भी नहीं दिया जाएगा. वहीं शिवसेना से बागी होने वाले एकनाथ शिंदे कहते हैं कि उनके साथ आए 50 विधायकों में से एक का भी पराभव नहीं होगा. क्या इसे महाराष्ट्र की जागरूक जनता पर दिखाया गया अविश्वास कहें. जैसे विधायकों को खरीदा जा सकता है, क्या वैसे ही मतदाताओं को भी खरीद लेने का आत्मविश्वास है.

सामना के मुताबिक एकनाथ शिंदे इन दिनों अधिक आत्मविश्वास से बोल रहे हैं. उन्होंने ये बताया था कि वह कैसे गुपचुप तरीके से देवेंद्र फडणवीस और शिंद कैसे मिलते थे. वह विधायकों के सोने के बाद निकलते थे और उठने से पहले वापस आ जाते थे. उन्होंने अब 200 सीटें जीतने का वादा कर दिया है. लेकिन याद रहे कि यह सब हिंदुत्व के नाम पर हुआ है. वर्तमान सरकार यानी 'उधारी का माल' है, ये उधारी चुकाई कैसे जाए? यही सवाल है. 

अखबार के मुताबिक भाजपा ने हर बार शिवसेना के पैर काटने और पंख छांटने का काम किया. उसी विद्रोह की चिंगारी से महा विकास आघाड़ी की सरकार आई. उस सरकार में शुरुआत में ही शिंदे को मुख्यमंत्री का पद मिल गया होता तो उनके विचार आज अलग होते. शिंदे ने आज शिवसेना को तोड़कर भाजपा की मदद से सरकार बनाई है. वहीं पीएम मोदी कहते हैं कि महाराष्ट्र को कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, वे बुलेट ट्रेन देंगे, जीएसटी बकाए का भुगतान करेंगे, आरे में जंगल काटने देंगे. 'ED' की जांच बंद कर देंगे. उसके बदले में सिर्फ मुंबई सहित महाराष्ट्र के तीन टुकड़े शिंदे-फडणवीस से करवा लेंगे. मराठी माणुस को कमजोर और महाराष्ट्र को नष्ट करेंगे.

सामना ने लिखा कि एकनाथ शिंदे कहते हैं कि हमने शिवसेना के लिए काफी त्याग किया है. यही बात राणे और भुजबल भी कहते थे. लेकिन इस त्याग के बदले में उन्हें कितना और क्या मिला, इसका भी हिसाब देना चाहिए. एकनाथ शिंदे की एक बार मान भी लें, लेकिन उनके साथ गए 25 विधायकों ने शिवसेना के लिए कहां खून बहाया, कहां लाठियां खाईं, घर पर कब तुलसी पत्र रखा, यह राज्य की जनता को बताएं, तो अच्छा होगा. 

 

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