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अगले साल पुणे के 7 मंडल कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में मनाएंगे गणेश उत्सव

पुणे के बड़े मंडल अगले साल यानी 2023 में पुणे में तो गणेशोत्सव मनाएंगे ही, लेकिन कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में गणेश उत्सव मनाने का ऐलान किया गया है. हरि भाऊ रंगारी गणेश मंडल के प्रायोजकों में से एक पुनीत बालन ने कहा कि हम कश्मीर में एक बार फिर संस्कृति को संरक्षित करना चाहते हैं.

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गणेश उत्सव (फाइल फोटो)
गणेश उत्सव (फाइल फोटो)

पूरे महाराष्ट्र में गणेश उत्सव की धूम है. डेढ़ दिन के गणपति का विसर्जन किया जा रहा है. इस विसर्जन के साथ ही अगले साल के गणपति उत्सव की तैयारी भी शुरू हो गई है. पुणे के बड़े मंडल अगले साल यानी 2023 में पुणे में तो गणेशोत्सव मनाएंगे ही, लेकिन कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में गणेश उत्सव मनाने का ऐलान किया गया है.

पुणे के प्रसिद्ध 7 मंडलों ने बड़ी घोषणा में कहा कि वे 2023 में गणेश उत्सव को कश्मीर घाटी, लाल चौक, शोपियां, पुलवामा समेत कश्मीर घाटी के  संवेदनशील स्थानों पर ले जाने वाले हैं. हरि भाऊ रंगारी गणेश मंडल के प्रायोजकों में से एक पुनीत बालन ने कहा कि हम कश्मीर में एक बार फिर संस्कृति को संरक्षित करना चाहते हैं.

पुनीत बालन ने कहा कि हम इन 7 मंडलों की जुड़वां मूर्तियों को घाटी के विभिन्न स्थानों पर ले जा रहे हैं, कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान द्वारा वित्त पोषित आतंकवाद के खिलाफ एक साथ आना चाहिए, हमारा प्रयास भारतीय संस्कृति को फिर से जीवंत करना और आतंकवाद को मिटाना है, अगले साल जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में डेढ़ दिन का गणेशोत्सव मनाएंगे.

पुनीत बालन ने विश्वास जताया कि इस वजह से यहां के कश्मीरी पंडित भी बाप्पा के उत्सव में भाग लेंगे, ऐसे समय में जब आर्टिकल 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर का आर्थिक विकास अपने चरम पर है, हम यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि महाराष्ट्र की इस 130 साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत का अनुभव यहां के नागरिकों को मिल सके.

वहीं, सुनील तावडे ने बताया कि पुणे का गणेशोत्सव हमेशा से भारत के नागरिकों के लिए एक विशेष त्योहार रहा है, पुणे के 8 मंडल अगले साल कश्मीर के विभिन्न जिलों में अपने बप्पा की प्रतिकृतियां स्थापित करेंगे, जहां के नागरिकों की मदद के लिए यह पहल की जाएगी, सांस्कृतिक उत्सव आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ उनके विरोध में मनाया जाएगा.

इस अवसर पर कसबा गणपती के श्रीकांत शेटे, तांबडी जोगेश्वरी के केशव नेरुरगांवकर, तुलसीबाग मंडल के विकास पवार, नितिन पंडित, गुरुजी तालीम मंडल के प्रवीण परदेशी, केसरीवाड़ा गणपती मंडल के अनिल सकपाल, अखिल मंडई मंडल के संजय मते श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी ट्रस्ट के अध्यक्ष संजीव जावळे मौजूद थे.

 

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