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महाराष्ट्र के नांदेड़ में विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जलाया राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का पुतला

महाराष्ट्र के नांदेड़ में कांग्रेस की ओर से राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के प्रतीकात्मक पुतले को जलाया. साथ ही यह भी मांग की कि श्रद्धा के आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए.

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महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

महाराष्ट्र के नांदेड़ में कांग्रेस की ओर से राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए. नांदेड़ में राज्यपाल कोश्यारी की प्रतीकात्मक प्रतिमा पर जूते मारकर और कोश्यारी की पुतला जलाकर विरोध जताया गया. शहर के आईटीआई चौक इलाके में कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया. 

उन्होंने कुछ दिनों पहले छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में बयान दिया था जिसपर विवाद हो गया. कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि कोश्यारी द्वारा दिया गया बयान आपत्तिजनक है, इसलिए पूरे देश में कांग्रेस द्वारा आंदोलन किया जा रहा है.

कांग्रेस के प्रदर्शन में श्रद्धा को न्याय दिलाने की मांग

साथ ही इस आंदोलन में श्रद्धा के साथ हुए जुर्म को लेकर भी न्याय दिलाने की मांग रखी गई. कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाना चाहिए और जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए. इस आंदोलन में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया.

क्या था भगत सिंह कोश्यारी का बयान? 

दरअसल, राज्यपाल कोश्यारी औरंगाबाद में स्थित डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे. यहां उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और NCP सुप्रीमो शरद पवार को डिलिट की उपाधि से नवाजा. इस दौरान कोश्यारी ने शिवाजी महाराज को पुराने युग का आदर्श बताया था और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शरद पवार को नए युग का आदर्श बताया था. भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि अगर कोई आपसे पूछता है कि आपका आदर्श कौन है, तो आपको उसे खोजने के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है, वे आपको यहीं महाराष्ट्र में मिल जाएंगे. छत्रपति शिवाजी महाराज तो पुराने युग की बात है. अब नए युग में तो डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर से लेकर नितिन गडकरी तक आपको यहीं मिल जाएंगे. 

उन्होंने कहा- 'पहले जब हम स्कूल-कॉलेज में पढ़ते थे तो हमसे पूछा जाता था कि आपका पसंदीदा हीरो, पसंदीदा नेता कौन है? हम सुभाष चंद्र बोस, जवाहरलाल नेहरू और गांधीजी कहते थे. लेकिन मुझे लगता है कि अगर कोई आपसे पूछे कि आपका आइकन कौन है? आपका पसंदीदा हीरो कौन है? तो महाराष्ट्र के बाहर जाने की जरूरत नहीं है. ये आपको महाराष्ट्र में मिल जाएंगे और 'शिवाजी' उनमें से एक हैं, हालांकि, वह अब पुरानी पीढ़ी के हैं. तो बात करते हैं नई पीढ़ी की जो आपको यहां डॉ. अंबेडकर से लेकर डॉ. गडकरी यानी नितिन गडकरी जी तक मिलेंगे.

बताते चलें कि उनके इस बयान को लेकर बीते कुछ दिनों से महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल गर्म है. 

(इनपुट- कुवरचंद मंडले)

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