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शिवसेना छोड़ने के बाद पिता को खत्म करने के लिए कई बार दी गई सुपारी, नारायण राणे के बेटे का बड़ा आरोप

महाराष्ट्र में मचे सियासी घमासान के बीच केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे और बीजेपी विधायक नितेश राणे ने दावा किया है कि शिवसेना छोड़ने के बाद उनके पिता को खत्म करने के लिए कई बार सुपारी दी गई थी. नारायण राणे को उद्धव ठाकरे पर सीएम रहते थप्पड़ मारने वाले बयान पर गिरफ्तार भी कर किया गया था. हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी.

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बीजेपी विधायक नितेश राणे (फाइल फोटो) बीजेपी विधायक नितेश राणे (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महाराष्ट्र के कंकावली से बीजेपी विधायक हैं नितेश राणे
  • मोदी सरकार में मंत्री हैं नारायण राणे

महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के बीच बीजेपी विधायक और केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश राणे ने दावा किया कि उनके पिता को शिवसेना छोड़ने के बाद खत्म करने की योजना बनाई गई थी. नितेश राणे ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि तथाकथित शांत और सभ्य शिवसेना प्रमुख ने उनकी हत्या के लिए कई सुपारी दी गई थीं. 

नितेश राणे ने ट्वीट कर लिखा, "एकनाथ शिंदे जी की तरह, शिवसेना छोड़ने पर मेरे पिता को भी खत्म करने के लिए तथाकथित शांत और सभ्य सेना प्रमुख द्वारा कई "सुपारी" दी गईं. म्याऊ म्याऊ खत्म होने दो, फिर हम रुचि के साथ "वस्त्रहरण" शुरू करेंगे. 

उद्धव ठाकरे पर हमलावर रहे नारायण राणे 

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे लगातार उद्धव ठाकरे पर हमलावर रहे. राणे केंद्र की योजना गिनाने की बजाय राणे का फोकस राज्य सरकार की कमियां गिनाते रहे. जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान एक जनसभा में राणे ने कहा था उद्धव ठाकरे को लेकर कहा था, 'ये शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को ये नहीं पता कि हमें आजाद हुए कितने साल हो गए. अपने भाषण के दौरान उन्होंने पीछे मुड़कर अपने सहयोगी से पूछा था. अगर मैं वहा होता तो उन्हें जोरदार थप्पड़ मारता.' उनके इस बयान को लेकर महाराष्ट्र में चार अलग-अलग जगहों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी. उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. हालांकि उन्हें बाद में जमानत मिल गई थी. 

शिवसेना पर एकनाथ शिंदे का दावा 

महाराष्ट्र में हुए सियासी घमासान के बाद महाविकास आघाड़ी सरकार गिर गई. शिवसेना से बगावत करने वाले एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली. विधानसभा के साथ ही लोकसभा में भी उनके गुट के नेता को मान्यता मिल गई. वहीं अब उन्होंने निर्वाचन आयोग में भी पार्टी पर दावा कर दिया है. बीती 20 जुलाई को शिंदे गुट की ओर से इसको लेकर निर्वाचन आयोग को एक चिट्ठी भेजी गई है. उद्धव ठाकरे गुट ने इसको लेकर पहले ही निर्वाचन आयोग को चिट्ठी भेज दी थी.  

चुनाव आयोग ने 8 अगस्त तक जवाब देने को कहा 

इसको लेकर अब चुनाव आयोग ने शिवसेना के दोनों पक्षों को एक-दूसरे खेमे के पत्र भेजे हैं. आयोग ने दोनों पक्षों को 8 अगस्त तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा है. दरअसल उद्धव ठाकरे गुट की ओर से भेजी गई चिट्ठी में कहा गया था कि अगर कोई शिवसेना पर दावा करे तो उद्धव गुट की दलीलें भी सुनी जाएं. ठाकरे गुट की ओर से निर्वाचन आयोग को ये चिट्ठी बीते हफ्ते भेजी गई थी. वहीं शिंदे गुट की ओर से चिट्ठी में जानकारी दी गई है कि उन्होंने शिवसेना की नई कार्यकारिणी गठित कर ली है और एकनाथ शिंदे को मुख्य नेता के साथ ही अन्य नेता भी चुन लिए गए हैं. लिहाजा पुरानी कार्यसमिति का अब कोई महत्व नहीं है. 

 

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