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5KG सोना, 60 KG चांदी, 5 करोड़ कैश...जानिए, लालबाग के राजा को और कितना चढ़ा चढ़ावा

मुंबई में कोविड पाबंदियां हटने के बाद पहली बार गणेशोत्सव धूमधाम से मनाया गया. भक्तों ने लालबाग के राजा को इस बार जमकर सोना, चांदी व कैश भेंट किया है. बता दें कि बप्पा के विसर्जन के बाद इस चढ़ावे की नीलामी की जाती है.

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लालबाग के राजा को भेंट किया चढ़ावा. (Photo: Aajtak)
लालबाग के राजा को भेंट किया चढ़ावा. (Photo: Aajtak)

महाराष्ट्र में इस साल गणपति उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया. कोविड की पाबंदियां हटने के बाद इस साल गणेश चतुर्थी पहला ऐसा त्यौहार था, जो बड़े स्तर पर लोगों ने मनाया है.

मुंबई और महाराष्ट्र में लालबाग के राजा का काफी महत्व है. लोग लालबाग के बप्पा के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से आते हैं. वहीं बप्पा के प्रति लोगों की श्रद्धा इतनी है कि बप्पा के चरणों में लाखों के सोने चांदी के गहनों दान कर देते हैं.

हर साल लालबाग के राजा के चरणों में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने और चांदी के आभूषणों की नीलामी बप्पा के विसर्जन के 3-4 दिन बाद की जाती है. इस साल भी श्रद्धालुओं ने करोड़ों रुपए के सोने और चांदी की कीमती चीजें लालबाग के राजा के चरणों में दान की हैं. इस साल लालबाग के राजा के चरणों में 5 करोड़ का कैश लोगों ने दान किया है.

लालबाग के राजा को भेंट किया चढ़ावा. (Photo: Aajtak)

भक्तों ने इस बार ये चीजें बप्पा को कीं अर्पित

सार्वजनिक गणेशोत्सव में इस बार भक्तों द्वारा राजा के चरणों में चढ़ाए गए जेवरातों की संख्या काफी अधिक है. इसमें 5 किलो 424.910 ग्राम सोना, 60 किलो 341 ग्राम चांदी, एक बाइक और 5 करोड़ से अधिक कैश चढ़ावा के तहत आया है. 

मनोनीत सेक्रेटरी सुधीर सालवी ने कहा कि दो साल के महामारी के बाद मनाए गए गणेश उत्सव में लोगों ने इस बार बप्पा के चरणों मे जी खोलकर चढ़ावा दिया है. वहीं इस साल बप्पा के दर्शन के लिए लोगों का उत्साह भरपूर था. नीलामी के दिन भी लोगों ने जी खोल कर बोली लगाई और बप्पा को दान दी गई चीजों को खरीदा.

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